दक्ष दर्पण समाचार सेवा
मनीमाजरा (चंडीगढ़)
चंडीगढ़ के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर मनीमाजरा और उसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से स्वच्छ पेयजल की भारी किल्लत और दूषित पानी की सप्लाई की समस्या गहराती जा रही है। समाजसेवी राजबीर सिंह, सुभाष धीमान और सेक्टर 26 बापूधाम से समाजसेवी अजय कुमार ने संयुक्त रूप से प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।

सुभाष धीमान ।
इन क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक:
समाजसेवियों के अनुसार, मनीमाजरा के कई हिस्सों जैसे:
इंदिरा कॉलोनी, सुभाष नगर और शांति नगर, ओल्ड मनीमाजरा, दर्शनी बाग और नागला मोहल्ला, गोबिंद पुरा किशनगढ़, शास्त्री नगर और मनीमाजरा कॉम्प्लेक्स, मौली जागरां और विकास नगर बापूधाम कालोनी सैक्टर 26 चंडीगढ़।
इन क्षेत्रों के निवासियों को रोजाना स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है। जल आपूर्ति विभाग में बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

राजवीर भारतीय
स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा:
स्थानीय लोग अनुपयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे पेट दर्द, डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों की आशंका बढ़ गई है। समाजसेवियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो चंडीगढ़ में भी मध्य प्रदेश जैसी कोई अप्रिय घटना (जल प्रदूषण से होने वाली त्रासदी) घट सकती है।
शिकायतों की अनदेखी: जल आपूर्ति विभाग को बार-बार ‘वॉटर अनफिट’ (Water Unfit) होने की शिकायत दी जा रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा है। ऐसा लगता है कि विभाग किसी बड़ी त्रासदी का इंतज़ार कर रहा है।

अजय कुमार
प्रशासन , कार्पोरेशन कमीश्नर और प्रशासक से की मुख्य मांगें:
क्वालिटी चेक: घरों में पानी सप्लाई करने से पहले हर ‘वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम’ पर पानी की गुणवत्ता और TDS की अनिवार्य जांच की जाए।
TDS और लैब टेस्टिंग की मांग करते हुए प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि पानी को मेन पाइपलाइन से घरों तक भेजने से पहले प्रत्येक डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट पर लैब टेस्टिंग की जाए और TDS (Total Dissolved Solids) का स्तर मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।
जवाबदेही तय हो: जिस भी डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से अनुपयुक्त पानी की सप्लाई पाई जाती है, उसके संबंधित अधिकारी के खिलाफ जनहित में कड़ी कार्रवाई की जाए।
नियमित निगरानी: प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि शहर का कोई भी कोना दूषित पानी की समस्या से न जूझे।
चंडीगढ़ को मध्य प्रदेश बनने से बचाएं:
समाजसेवियों राजबीर सिंह भारतीय, सुभाष धीमान चेयरमैन, अजय कुमार सेक्टर 26 ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन ने तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो यहाँ की स्थिति भी अन्य राज्यों (जैसे मध्य प्रदेश के प्रदूषित जल मामले) जैसी भयावह हो सकती है। चंडीगढ़ जिसे ‘सिटी ब्यूटीफुल’ कहा जाता है, वहां के नागरिक बुनियादी ज़रूरत यानी ‘साफ पानी’ के लिए तरस रहे हैं, जो कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
