
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चंडीगढ़ | दिनांक: 26 अप्रैल, 2026
हरियाणा की राजनीति के पुरोधा, ‘पीएचडी’ की उपाधि से नवाजे जाने वाले जननायक और पूर्व मुख्यमंत्री स्व. चौधरी भजनलाल जी के विरुद्ध भाजपा सांसद रेखा शर्मा द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
संघर्ष से शिखर तक का सफर
चौधरी भजनलाल जी का व्यक्तित्व किसी परिचय का मोहताज नहीं है। उनका राजनीतिक सफर किसी राजघराने से नहीं, बल्कि हिसार के आदमपुर के खेत-खलियानों और गांव की पंचायत से शुरू हुआ था। अपनी कड़ी मेहनत और सूझबूझ के बल पर उन्होंने
हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का चहुंमुखी विकास किया।
देश की राजनीति में केंद्रीय नेतृत्व संभाला।
केंद्र में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के मंत्री के रूप में देश सेवा की।
लोकतंत्र की मर्यादा का उल्लंघन:
एक ऐसी हस्ती, जिन्होंने अपना पूरा जीवन जनसेवा और राजनीति की बारीकियों को सिखाने में लगा दिया, उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना भाजपा की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
”चौधरी भजनलाल जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संस्था थे। उनके खिलाफ की गई टिप्पणी न केवल उनके परिवार और समर्थकों का अपमान है, बल्कि पूरे हरियाणा और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।”
कड़े शब्दों में निंदा:
मैं, राजबीर सिंह भारतीय (उपाध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, मनीमाजरा, चंडीगढ़), भाजपा सांसद रेखा शर्मा के इस कृत्य की कड़े शब्दों में भर्त्सना करता हूँ।सार्वजनिक जीवन में शुचिता और सम्मान का होना अनिवार्य है, जिसकी धज्जियां इस बयान के माध्यम से उड़ाई गई हैं।
हम मांग करते हैं कि इस प्रकार की अभद्र टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए, तथा सफल राजनीतिज्ञों को ऐसी भाषा का प्रयोग करने से बचना चाहिए। जनता आने वाले समय में हाथ के निशान पर मोहर लगा कर इसका कड़ा जवाब देगी।
