
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
रेवाड़ी। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ संशोधन के पारित होने में विपक्षी दलों द्वारा डाली गई बाधा पर भारतीय जनता पार्टी, जिला रेवाड़ी की अध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली ने बेहद तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विपक्ष के इस कृत्य को महिला विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताते हुए इसे देश की करोड़ों माताओं-बहनों के सम्मान पर चोट करार दिया है। डॉ. वंदना पोपली ने एक कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जब-जब देश की आधी आबादी को उनका हक देने की बात आती है, विपक्ष अपनी तुच्छ राजनीति पर उतर आता है। उन्होंने कहा “कल संसद में जो हुआ, वह लोकतंत्र के लिए काला दिन था। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी महिलाओं को नीति-निर्धारण में भागीदारी देने का संकल्प लेकर आए हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता के भूखे विपक्षी दलों ने इस विधेयक में अड़ंगा डालकर साबित कर दिया कि वे नारी को कभी आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते।”उन्होंने कहा कि विपक्ष का दोहरा चेहरा बेनकाब हो गया है। एक तरफ ये महिला सशक्तिकरण का ढोंग करते हैं और दूसरी तरफ संसद में महिला आरक्षण के खिलाफ खड़े हो जाते हैं। डॉ. वंदना ने कहा कि यह विधेयक केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की करोड़ों बेटियों के सपनों की उड़ान था, जिसे विपक्ष ने अपने अहंकार और स्वार्थ की भेंट चढ़ा दिया।उन्होंने मांग की कि विपक्षी दलों को सार्वजनिक रूप से देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने एक ऐतिहासिक अवसर को खोने का पाप किया है।
रेवाड़ी भाजपा अध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश की नारी शक्ति अब जाग चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो दल महिलाओं के अधिकार के रास्ते में दीवार बनकर खड़े हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में देश की महिलाएं जड़ से उखाड़ फेंकेंगी। उन्होंने अंत में कहा कि विपक्ष चाहे जितनी साजिशें कर ले, प्रधानमंत्री मोदी जी का संकल्प अटूट है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम नारी के गौरव का प्रतीक है और भाजपा हर हाल में अपनी बहनों को उनका हक दिलाकर रहेगी।”
