
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ़ ।
जनता के पैसे की रक्षा के लिए कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाते हुए चंडीगढ़ के मेयर श्री सौरभ जोशी ने कलाग्राम के पास स्थित शराब ठेके में हुई गंभीर अनियमितताओं पर तुरंत और समयबद्ध जांच के आदेश दिए हैं। इस पूरे मामले में देरी, लापरवाही और राजस्व हानि की गंभीर स्थिति सामने आई है, जिसके कारण नगर निगम को लगभग ₹70–80 लाख का नुकसान होने का अनुमान है। मेयर ने इसे “गंभीर प्रशासनिक विफलता” बताते हुए तत्काल जवाबदेही तय करने की बात कही है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए आबकारी विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड से यह भी सामने आया है कि कई महीनों का किराया और जीएसटी अभी तक जमा नहीं किया गया है, जबकि विभाग द्वारा बार-बार नोटिस जारी किए गए थे। इससे स्पष्ट होता है कि विभागों के बीच समन्वय और समय पर कार्रवाई में गंभीर कमी रही है, जिसके कारण यह वित्तीय नुकसान हुआ।
सख्त रुख अपनाते हुए मेयर सौरभ जोशी ने संयुक्त आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि 3 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि बिना किसी पक्षपात के जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मेयर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि लीज में हुई देरी की विस्तृत जांच की जाए, सभी जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाए, ठेके की कानूनी व कब्जा स्थिति की पूरी समीक्षा की जाए तथा नगर निगम को हुए वास्तविक वित्तीय नुकसान का सटीक आकलन किया जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस प्रणालीगत सुधार लागू किए जाएं।
कड़ा संदेश देते हुए मेयर ने कहा,
“जनता का पैसा पवित्र है। लापरवाही, देरी या प्रशासनिक विफलता के कारण एक भी रुपया नुकसान होने नहीं दिया जाएगा। दोषियों को हर हाल में जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में ATR प्रस्तुत नहीं की जाती है तो मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अंत में मेयर ने दोहराया कि चंडीगढ़ की पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की छवि को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा और जनता के धन की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
