
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
विशाल ठाकुर : कुरुक्षेत्र, 11 फरवरी। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के सानिध्य में श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार द्वारा चक्रवर्ती मौहल्ला निवासियों द्वारा डॉ. श्याम लाल आहूजा, फतेह चंद गांधी, अजय आहूजा तथा बालि के सहयोग से इस प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। प्रभात फेरी में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज द्वारा गाए गए भजन अमृत वेला बड़ा सुहावना, अमृत वेले अमृत बरसदा….. से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। भजन रसिक सुनील वत्स व राजेंद्र चोपड़ा के सहयोगियों द्वारा गाए गए भजनों पर ठाकुर जी की युगल जोड़ी के सामने श्रदालु जमकर नाचे। हाथ कृपा दा रख एहो मेरी मर्जी मेनू तेरे नाम दा सहारा चाहिदा…..जैसे भजनों से चक्रवर्ती मौहल्ले का सारा वातावरण भक्तिमय हो गया।
प्रभात फेरी में होली खेलूंगी श्याम संग आज जैसे होली भजनों पर नृत्य करते हुए श्रद्धालुओं ने उल्लास पूर्वक प्रभु भक्ति का आनंद उठाया। सारा वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो गया। गीता मनीषी के आशीर्वाद से संचालित बाल संस्कार कक्षा के बच्चों ने भी इस अवसर पर गीता श्लोकों की सुंदर प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार के प्रमुख पदाधिकारियों और भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रभात फेरी में भाग लिया।
प्रभात फेरी में शामिल श्रद्धालुओं को आर्शीवचन देते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि प्रात: काल प्रभु का नाम वाणी पर आना स्वयं ईश्वर की कृपा का संकेत है। प्रात: काल के समय नाम सिमरण करने से मन की वृत्तियाँ शांत होती है और आत्मा में दिव्यता का संचार होता है। भगवान श्री कृष्ण ने गीता के माध्यम से पूरी मानवता के कल्याण का संदेश अर्जुन को निमित्त बनाकर दिया। गीता हर युग में प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि हर घर में गीता का पाठ होना चाहिए, गीता को भगवान श्री कृष्ण ने अपने मुख से गाया। मानव कल्याण के लिए इससे बड़ा ग्रंथ दुनिया में कोई नहीं है। गौ सेवा पर बल देते हुए गीता मनीषी ने कहा कि गाय भारतीय सनातन संस्कृति में एक उच्च स्थान रखती है। इसका दूध, गोमूत्र मानव के कल्याण के लिए प्रयोग होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को गौ सेवा करने का संदेश दिया। प्रभात फेरी के आयोजकों चक्रवर्ती मौहल्ला निवासियों को स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने आशीर्वाद स्वरूप स्मृति चिन्ह भेंट किया।
