दक्ष दर्पण समाचार सेवा।
हिसार : ओशो ध्यान उपवन में ध्यान : प्रेम उत्सव विषय पर आधारित ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। इस ध्यान सत्र में स्वामी संजय व मां सांची ने साधकों को ध्यान का महत्व समझाते हुए इसे उत्सव की तरह प्रेमपूर्वक अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस ध्यान सत्र में विभिन्न क्षेत्रों से साधकों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और ध्यान विधियों का अभ्यास किया।
ध्यान सत्र के दौरान स्वामी संजय ने साधकों को बताया कि सिरसा रोड स्थित ओशो ध्यान उपवन में 10 अप्रैल से शुरू होने वाले तीन दिवसीय मेडिटेशन कैंप की तैयारियां शुरू हो गई हैं। उन्होंने बताया कि ध्यान का विज्ञान विषय पर आधारित मेडिटेशन कैंप 10 से 12 अप्रैल तक रहेगा। 10 व 11 अप्रैल को कैंप प्रात: 8 बजे शुरू होगा और सायं 6 बजे तक जारी रहेगा। 12 अप्रैल को मेडिटेशन कैंप की शुरुआत प्रात: 8 बजे ही होगी और दोपहर 2 बजे समापन होगा। इस शिविर में आचार्य शेखर ध्यान विधियों से रूबरू करवाते हुए इनकी जीवन में उपयोगिता से रूबरू करवाएंगे। स्वामी संजय ने कहा कि मेडिटेशन कैंप के दौरान साधकों को जीवन जीने के सही ढंग से भी परिचय करवाया जाएगा।
ओशो ध्यान उपवन में आयोजित ध्यान : प्रेम उत्सव सत्र के दौरान स्वामी संजय ने साधकों को समझाया कि ध्यान, प्रेम व उत्सव आपस में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि ध्यान ऐसी प्रक्रिया है जब इंसान अपने खुद के भीतर गहरे तक उतरता है। इससे मन की अशांति दूर होती है और चैतन्य जागृत होता है। उन्होंने कहा कि प्रेम की गहराई को समझकर इसे आध्यात्मिक विकास का साधन बनाया जा सकता है। इसी भांति मनुष्य को हर दिन बल्कि हर पल को उत्सव की तरह मनाना चाहिए। खुश और आनंदित होने के लिए किसी त्योहार या विशेष दिवस की जरूरत नहीं होती, इंसान हर पल को आनंदमय व खुशनुमा बना सकता है।
बॉक्स : अस्तित्व एक यात्रा नहीं बल्कि उत्सव
हिसार : स्वामी संजय ने बताया कि सतगुरु ओशो ने ध्यान : प्रेम उत्सव को बड़े ही सारगर्भित ढंग से समझाया है। उनके संचित प्रवचन सुनकर साधक ध्यान, प्रेम व उत्सव को सहजता से समझ सकते हैं। ओशो के अनुसार जीवन परमात्मा का उपहार है और हर पल को बल्कि हर छोटी चीज का उत्सव मनाया जाना चाहिए। ओशो ने समझाया है कि अस्तित्व एक यात्रा नहीं बल्कि उत्सव है। सच्चा उत्सव बाहर की खुशियों पर नहीं बल्कि भीतर की मौन अवस्था में टिका है। जब कोई व्यक्ति अपने पूरे अस्तित्व से आनंदित होता है तो वह ध्यानपूर्ण हो जाता है।

हिसार में स्थित ओशो ध्यान उपवन में ध्यान का महत्व समझाते स्वामी संजय।

हिसार में स्थित ओशो ध्यान उपवन में आयोजित ध्यान सत्र में ध्यान का अभ्यास करते साधक।
