
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
11 फरवरी 2026 चण्डीगढ़।
स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि हरियाणा भाजपा सरकार व केन्द्र की मोदी सरकार विगत 11 सालों से योग पर लंबे-चौडे दमगज्जे मारकर देश को ठगती है। हर साल करोडो रूपये का सरकारी धन खर्च करके मीडिया इवेंट नौटंकी करते है, लेकिन स्कूलों में कहीं भी स्थायी योग शिक्षकों की आज तक नियुक्ति तक नही हुई। विद्रोही ने कहा कि साल 2015 से केन्द्र सरकार केन्द्रीय विद्यालयों व जवाहर नवोदय विद्यालयों में भी केवल अस्थायी योग शिक्षकों की नियुक्ति कर रही है। कहीं भी स्थायी योग शिक्षक नियुक्ति नही किये। यही स्थिति हरियाणा की है। हरियाणा भाजपा सरकार ने प्रदेश में योग शिक्षा को बढावा देने के लंबे-चौडे दमगज्जे मारे लेकिन किसी भी सरकारी स्कूल में स्थायी योग शिक्षकों की नियुक्ति नही की। हर स्थान पर अस्थायी योग शिक्षकों की नियुक्ति करके प्रशिक्षित योग शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है। विद्रोही ने कहा कि हरियाणा में योग शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विगत 11 सालों में कोई कानून नही है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य है, लेकिन प्रदेश के विभिन्न विषयों की शिक्षक भर्ती में योग नाम का कोई विषय नही है। जब अध्यापक पात्रता परीक्षा में योग का विषय नही तो फिर योग शिक्षक की नियुक्ति कैसे संभव है। जब तक हरियाणा सरकार नियम बनाकर योग शिक्षकों को विधिवत रूप से एक विषय नही बनाती, तब तक स्थायी योग शिक्षकों की भर्ती कैसे होगी? और यदि हरियाणा सरकार को योग को स्थायी विषय नही बनाना तो फिर योग के नाम पर जनता को ठगा क्यों जा रहा है?
विद्रोही ने कहा कि विगत 5 सालों से हरियाणा मेें योग आयोग भी काम कर रहा है। गांवों में योग व्यायाम शालाएं बनाई है, जिनके लिए आयुष योग सहायक अस्थाई तौर पर नियुक्त किये गए है। सभी सरकारी स्कूलों में कथित योग क्लब भी बनाये है, लेकिन कहीं भी स्थायी नियुक्ति नही हुई। जब प्राईमरी, मिडल, व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए योग शिक्षक नियुक्त करने खातिर योग शिक्षकों की क्या योग्यता हो, अभी तक 11 साल में भाजपा सरकार यह तक तय नही कर पाई है तो स्थायी नियुक्ति कैसे होगी? विद्रोही ने कहा कि भाजपा के दिखाये सपनों के कारण हजारों युवाओं ने योग में डिप्लोमा सहित अन्य उच्च शिक्षा इस आशा में प्राप्त की हरियाणा मेें उन्हे योग शिक्षक की नौकरी मिलेगी लेकिन भाजपा सरकार की कथनी-करनी में दिन-रात का अंतर है। योग शिक्षा को बढावा देने की बात तो की जाती है, लेकिन उस पर अमल नही होता। विद्रोही ने मांग की कि युवाओं को योग के नाम पर ठगने की बजाय योग शिक्षकों की वैधानिक योग्यता निर्धारित करके भाजपा सरकार अपने वादे अनुसार सभी स्तर के स्कूलों में योग शिक्षकों की तत्काल स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाये।
