
धनेश विद्यार्थी,
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
रेवाड़ी।
जिला रेवाड़ी में ठंड व शीतलहर से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें, इस सम्बन्ध में हरियाणा राज्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। बचाव सम्बन्धी जानकारी देते हुए डीसी अभिषेक मीणा ने लोगों से सावधानी बरतते हुए शीतलहर आपदा से बचाव का आह्वान किया है।
डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि शीतलहर के समय यथासंभव घर के अंदर ही रहे, ठंडी हवा से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। रेडियो व अन्य मीडिया से मौसम की जानकारी लेते रहें। बुजुर्ग और बच्चों का ठीक से देखभाल करें एवं ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं विशेषकर बुजुर्ग लोगों का हाल चाल पूछते रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपातकालीन आपूर्ति आसानी से उपलब्ध हो। एक परत वाले कपड़े की जगह ढीली फिटिंग वाले परतदार हल्के कपड़े, हवा रोधित सूती का बाहरी आवरण तथा गर्म ऊनी भीतरी कपड़े पहने। शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिये टोपी एवं जलरोधी जूतों का प्रयोग करें। सिर को ढके क्योंकि सिर के ऊपरी सतह से शरीर की गर्मी की हानि होती है और अपने फेफड़ों की सुरक्षा के लिये अपना मुंह ढक कर रखें। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पिएं, इससे ठंड से लड़ने के लिये शरीर की गर्मी बनी रहेगी।
डीसी ने कहा कि शरीर में ऊष्मा के प्रवाह को बनाए रखने के लिये पौष्टिक आहार एवं निर्जलीकरण से बचने के लिए शराब आदि का सेवन ना करें। शीतदंश होने पर चिकित्सक की सलाह ले जैसे संवेदनशून्य सफेद अथवा पीले पड़े हाथ और पैरो की उंगलियां, कान की लौ तथा नाक की ऊपरी सतह इत्यादि। हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान सामान्य से कम) होने जैसे अनियंत्रित कांपना, बोलने में दिक्कत, अनिद्रा, मांसपेशियों में अकडऩ, सांस लेने में दिक्कत इत्यादि पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
