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धनेश विद्यार्थी
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
रेवाड़ी।
हरियाणा के वन तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने शुक्रवार को जिला के गांव सीहा के बाबा रामस्वरूप दास आश्रम में आयोजित खेजड़ी एवं अन्य स्वदेशी वृक्ष बचाओ जन चेतना यात्रा के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस कार्यक्रम में पहुंचने पर मंत्री राव नरबीर सिंह का सीहा सहित आसपास के ग्रामीणों ने भव्य स्वागत एवं अभिवादन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खेजड़ी(जाटी) वृक्ष दक्षिण हरियाणा की पहचान और आस्था का प्रतीक है। यह वृक्ष हमारी संस्कृति और परम्परा से भी जुड़ा हुआ है।
वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि खेजड़ी सहित अन्य स्वदेशी वृक्षों ने सदियों से इस क्षेत्र को जीवन दिया है और कठिन परिस्थितियों में भी हरियाली बनाए रखी है। आज हमारा भी दायित्व है कि हम इन वृक्षों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखें। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार खेजड़ी सहित अन्य पुराने और विरासत वृक्षों को हरियाणा प्राण वायु देवता पेंशन योजना में शामिल कर उन्हें पेंशन दिलवाने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को पुराने पेड़ों की सुरक्षा और देखभाल के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे पेड़ों को काटने की बजाय उन्हें संजोकर रखें।
उन्होंने जिला भिवानी के गांव झुंपा से शुरू की गई खेजड़ी एवं अन्य स्वदेशी वृक्ष बचाओ जन चेतना यात्रा जो कि भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेन्द्रगढ़ और रेवाड़ी के 175 गांवों से होकर यहां पहुंची है की सराहना करते हुए यात्रा के संयोजक कमल सिंह यादव की प्रशंसा की। पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए बिना सतत विकास संभव नहीं है और इसके लिए हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना होगा। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल युग है और हमें परंपराओं को पर्यावरण के अनुकूल बनाना चाहिए।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि विवाह, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में कागज के कार्ड के निमंत्रण देने की पुरानी परंपरा को बंद कर मोबाइल और डिजिटल माध्यमों से निमंत्रण देने की शुरुआत करें। इससे कागज की बचत होगी, पेड़ों की कटाई रुकेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बदलाव बड़े परिणाम लेकर आते हैं।
मंत्री ने सभी पंचायतों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने गांवों में प्लास्टिक की पॉलीथिन पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने के लिए पंचायतें आयोजित करें और सामूहिक निर्णय लें। प्लास्टिक पॉलीथिन पर्यावरण, पशुओं और मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक है। यदि गांव स्तर पर सख्ती से पॉलीथिन का प्रयोग बंद किया जाए तो इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने ग्रामीणों और आमजन से अपील की कि वे अपने गांवों को प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ और हरित बनाने का संकल्प लें और खेजड़ी जैसे वृक्षों की रक्षा के लिए आगे आएं।
इस अवसर पर उन्होंने सरपंच सरिता की ओर से गांव के विकास के लिए रखी गई मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक विनीत गर्ग, डीसी अभिषेक मीणा, दक्षिणी परिमंडल के वन संरक्षक सुभाष यादव, महंत नरोतम दास और दीपदास विशेष रूप से ग्रामीण मौजूद रहे।
वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि अरावली दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत मालाओं में से एक है और इससे हमारा इतिहास, पर्यावरण और भविष्य गहराई से जुड़ा हुआ है। अरावली भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जलवायु संतुलन में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार ऐसा कोई भी कार्य नहीं होने देगी जिससे अरावली को नुकसान पहुंचे। अरावली की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके संरक्षण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हर नागरिक को कम से कम दो पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ता औद्योगीकरण और शहरीकरण तभी सार्थक होगा, जब हम प्रकृति के संतुलन को बनाए रखेंगे। पेड़-पौधे न केवल हमें शुद्ध हवा देते हैं बल्कि भावी पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य की भी गारंटी हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। जब गांव, पंचायत और आम नागरिक मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे तभी वास्तविक परिवर्तन आएगा। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने, पुराने वृक्षों की रक्षा करने और बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का आह्वान किया।
वीबी जी राम-जी कानून से श्रमिकों को मिली 125 दिन की रोजगार गारंटी
मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का विकसित भारत जी राम-जी कानून श्रमिक हितों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस कानून के लागू होने से श्रमिकों को वर्ष में 125 दिन की सुनिश्चित रोजगार गारंटी प्राप्त हुई है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निगरानी तंत्र, ऑनलाइन पंजीकरण और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था भी लागू की है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है और वीबी जी राम-जी कानून उसी दिशा में एक निर्णायक पहल है।
इस अवसर पर सीहा जगदीश यादव, सरिता यादव सरपंच, अशोक यादव सरपंच मसीत, देशरार सरपंच कवाली, धर्मेन्द्र पार्षद बावल, हरिन्द्र यादव निजी प्रवक्ता, बिक्रम पांडे सीहा, विशेष सहायक भ्रम यादव सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

