
धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
नई दिल्ली।
भारतीय जनता पार्टी के लोग जब लगभग 60 वर्ष सत्ता से दूर रहे तो उन्होंने राजनीति पर कुछ इस तरह के शोध जरूर किए होंगे कि उसके दम पर आज वह केंद्र ही नहीं हरियाणा सहित कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता का सुख भोगने का अवसर मिल रहा हैं। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में भी कई व्यवहारिक शोध किए हैं और यह साबित किया है कि राजनीति 24 घंटे सातों दिन सक्रिय रहने का नाम है। ऐसा करने से ही अच्छे परिणाम सामने आते हैं।
25 सितंबर को इंडियन नेशनल लोकदल ने रोहतक में पूर्व उप प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी देवीलाल के जन्म दिवस के अवसर पर एक रैली के आयोजन के बाद दक्ष दर्पण ने एक लेख प्रकाशित किया था जिसका शीर्षक था।
रैली रोहतक में ,हलचल सोनीपत में।
जिसमें लिखा था कि,
यह कैसे हो सकता है ! लेकिन राजनीति ऐसी विधा है जिसमें भी कांटे से कांटा निकलता है। लिखा था कि
हरियाणा की सियासत में भविष्य में सोनीपत जिला कांग्रेस इंडियन नेशनल लोकदल और सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होने जा रहा है ।अब प्रदेश के यह तीनों प्रमुख दल सोनीपत में अपनी पॉलिटिकल एक्सरसाइज करते नजर आ सकते हैं। यह भी दावा किया गया था कि सोनीपत जिले में अब विकास की भी गति तेज हो सकती है।
इसी संदर्भ में आप विचार कर सकते हैं कि भारतीय जनता पार्टी ने सोनीपत और हरियाणा के मध्य नजर एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए हरियाणा सरकार के 1 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष में 17 अक्टूबर को सोनीपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम तय कर दिया है। इसके लिए सभा स्थल का चयन भी कर लिया गया है । रैली की तैयारी जोरों पर हैं। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम से हरियाणा के अलावा सोनीपत लोकसभा क्षेत्र को लेकर भी कोई खास संदेश दे सकते हैं। इसके कई कारण हैं। एक मकसद तो इंडियन नेशनल लोकदल की रैली के असर को कम करना होगा ही ,दूसरा पार्टी के नेता सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में अभी से जीत का जुगाड़ करने की कोशिश करते नजर आ सकते हैं। पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सोनीपत से चुनाव हार गई थी लेकिन आगामी चुनाव में वह यहां जीत सुनिश्चित करना चाहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से बिहार के मतदाताओं को भी कोई न कोई संदेश जरूर देना चाहेंगे।
खास बात यह है कि सोनीपत भाजपा की मजबूत सीट मानी जाती है। 2004 के चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी राज्य की 9 लोकसभा सीट हार गई थी तब भी उसे सोनीपत से जीत हासिल हुई थी।
एक बात और है कि पार्टी ने प्रधानमंत्री का कार्यक्रम उस जिले में रखा है जिस जिले से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी मोहनलाल बडोली का ताल्लुक है। यह कार्यक्रम श्री बडोली के विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में आयोजित किया जा रहा है जो जीटी रोड के साथ स्थित है। यह बात साफ है कि इस कार्यक्रम के आयोजन के पीछे कहीं ना कहीं प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली की योजना और इच्छा काम कर रही है। यहां एक बात और यह देखी जा सकेगी कि अब श्री बडौली के बचे खुचे विरोधी भी बिलों में घुस जाएंगे।राजनीतिक पर्यवेक्षक इस बात को मानकर चल रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी मोहनलाल बडौली को ही एक बार फिर सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के भावी उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट करके चल रही है।
जहां तक हमारा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि श्री बडोली भी इसी तैयारी में नजर आ रहे हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज भी कुछ इसी तरह की है। यद्यपि उन्हें राई से भी चुनाव लड़ाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अब यह कोशिश भी जरूर रहेगी कि
भारतीय जनता पार्टी सोनीपत में फिर से मजबूत हो। वह इस अवसर पर सोनीपत को अलग से दिवाली का कोई गिफ्ट दे कर जा सकते हैं।
आपको बता दें कि निकट भविष्य में कांग्रेस भी सोनीपत में किसी बड़े प्रोग्राम की योजना को अंतिम रूप दे सकती है। सद्भावना यात्रा पर चल रहे पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के लिए भी सोनीपत उनकी आगामी योजना का केंद्र बिंदु बन सकता है।
