
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
पूंडरी (कृष्ण प्रजापति): फल्गु तीर्थ परिसर एक बार फिर लोककला और संस्कृति का रंगारंग गवाह बनेगा। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा सरकार और फल्गु मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में 11वां फल्गु लोककला महोत्सव 12 सितंबर से 14 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। फल्गु मंदिर सुधार समिति के सचिव दिनेश शर्मा ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ 12 सितंबर को होगा, जिसका उद्घाटन पूंडरी विधायक सतपाल जाम्बा करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सदस्य सचिव मनजीत सिंह करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ. चंद्र त्रिखा मौजूद रहेंगे। विशेष अतिथि के रूप में वरिष्ठ शिक्षाविद रामबीर सिंह और करनाल के समाजसेवी विकास गर्ग शामिल होंगे। पहले दिन बलराज समूह के कलाकार हरियाणवी लोकनृत्य प्रस्तुत करेंगे।
13 सितंबर को लोकगायन कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायिका राजबाला बहादुरगढ़, सुरेश भाणा, आरती जांगड़ा और दिनेश शर्मा किलोई अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। इस दिन मुख्य अतिथि के रूप में चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद के कुलपति डॉ. रामपाल सैनी रहेंगे और अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार जयभगवान सिंगला करेंगे। विशेष अतिथि जनता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल होंगे।
14 सितंबर को महोत्सव का समापन हास्य-मखौल और कवि सम्मेलन से होगा। इस अवसर पर हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री मुख्य अतिथि रहेंगे, जबकि कैथल के सुप्रसिद्ध समाजसेवी सुभाष गर्ग अध्यक्षता करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सूचना आयुक्त अमरजीत सिंह, आकाशवाणी हिसार के निदेशक डॉ. पवन शर्मा और समाजसेवी विजय सिंगला शामिल होंगे। विशेष आमंत्रित अतिथि शिमला से वरिष्ठ मीडियाकर्मी पवन कुमार शर्मा और दिल्ली से अशोक कुमार होंगे। कवि सम्मेलन में वरिष्ठ गीतकार चरणजीत चरण, हास्य कवि विनीत पांडेय, कवयित्री अनामिका वालिया शर्मा, हरियाणवी कवि प्रदीप सिंह, हास्य कलाकार आजाद दुहन और संजीत कौशिक अपनी प्रस्तुति देंगे।
दिनेश शर्मा ने बताया कि इस आयोजन में इंद्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र, नई दिल्ली सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ा है। उन्होंने कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के महानिदेशक के. एम. पांडुरंग का भी आभार जताया और क्षेत्रवासियों से तीन दिवसीय इस सांस्कृतिक उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
