
Balvinder Kheda
दक्ष दर्पण समाचार सेवा dakshdarpan2022@gmail.com
चंडीगढ़
कालका विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस के दलित नेता बलविंदर खेड़ा ने कहा है कि अंबाला लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव हुआ तो वह कांग्रेस की टिकट के लिए अपना दावा पेश करेंगे और इस दावे के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि अंबाला लोकसभा क्षेत्र में टिकट के बंटवारे के प्रश्न पर अब बाहरी उम्मीदवारों की बजाए स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आगे भी इसी तरह बाहरी उम्मीदवारों को टिकट देने का सिलसिला नहीं रुका तो इसके विरोध में वह कांग्रेस को अलविदा कह कर भी चुनाव लड़ने की कोशिश करेंगे उसके लिए कोई भी तरीका अपनाना पड़े।
उन्होंने कहा कि वह सिक्ख भी हैं दलित भी हैं और इस क्षेत्र में कांग्रेस को ऐसे ही उम्मीदवार को वरीयता देनी चाहिए ।उन्होंने कहा कि कुमारी शैलजा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता है परंतु उनका चुनाव क्षेत्र सिरसा है जहां से वे दो बार सांसद रही हैं । सिरसा क्षेत्र का उनके स्वर्गीय पिता चौधरी दलवीर सिंह ने भी प्रतिनिधित्व किया है। कुमारी शैलजा अंबाला से 2004 और 2009 में सांसद रह चुकी हैं इसलिए अब उन्हें सिरसा से ही चुनाव लड़ना चाहिए और हम जैसे स्थानीय उम्मीदवारों को ही टिकट देने की वकालत करने चाहिए ।बलविंदर खेड़ा ने कहा कि इस बार टिकट नहीं मिली तो वे चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे जन्मजात कांग्रेसी हैं इसलिए टिकट पर उनका भी अधिकार है जिस पर सहानुभूति पूर्वक विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचकूला जिले में दलित उम्मीदवार आरक्षण का लाभ नहीं उठा सकते क्योंकि यहां विधानसभा की 2 सीटें हैं और इनमें कोई भी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं है। अंबाला लोकसभा क्षेत्र में कालका क्षेत्र के दलित सिक्खों को अहमियत दी जानी चाहिए इससे सिक्खों दलितों और अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में वे हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उदय भान और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़के को पत्र लिखकर अपनी भावनाओं से अवगत कराएंगे।
इस संदर्भ में जब बलविंदर खेड़ा से पूछा गया कि उनके विरोधी सवाल उठाते हैं कि पिछली बार आपकी पत्नी कालका नगर परिषद का चुनाव भी हार गई तो आप लोकसभा के चुनाव की टिकट किस हैसियत से मांग रहे हैं तो उन्होंने कहा कि नगर निगम के चुनाव में उनकी पत्नी किसी रिजर्व वार्ड नहीं बल्कि सामान्य वार्ड से लड़ी थी और इस मुकाबले में भी दूसरे नंबर पर रही यह उनका अपना चुनाव था । उन्होंने कहा कि जहां तक इस तरह की लोकप्रियता का सवाल है तो मैं यह बताना चाहता हूं कि मेरा परिवार गांव, में 1982 से लेकर 2014 तक लगातार सरपंच रहा है।
