
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
कैथल।
गांव पबनावा में किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा की बैठक सरकार के खिलाफ गुस्से का विस्फोट बन गई। बैठक में किसानों, मजदूरों और बुजुर्गों ने एक स्वर में कहा कि हरियाणा सरकार गरीबों पर जुल्म की सारी हदें पार कर चुकी है।
भाकियू के वरिष्ठ नेता व युवा प्रधान हरियाणा राजीव आर्य ढांड ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का “किसान का बेटा” होना अब सिर्फ एक राजनीतिक ढोंग बनकर रह गया है।
उन्होंने कहा—
“जो सरकार पूर्व सांसदों और विधायकों को जिंदगी भर लाखों की पेंशन बांट रही है, वही सरकार गरीब किसान-मजदूर के बूढ़े मां-बाप की पेंशन काटकर लूट और अपमान कर रही है। यह शासन नहीं, बल्कि गरीब विरोधी नीति है।”
राजीव आर्य ने कहा कि वृद्ध पेंशन कोई भीख नहीं, बल्कि बुजुर्गों का हक और सम्मान है। कागजी शर्तों के नाम पर हजारों बुजुर्गों की पेंशन काटना अमानवीय, अन्यायपूर्ण और शर्मनाक फैसला है।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे भूरा राम पबनावा ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा—
“चौधरी देवीलाल ने जिस पेंशन को बुजुर्गों की इज्जत के लिए शुरू किया था, आज की सरकार उसी इज्जत को रौंद रही है। यह सरकार गरीबों को बोझ और अमीरों को लाभार्थी समझती है।”
उन्होंने कहा कि
“जो सरकार मंचों से संस्कार और माता-पिता के सम्मान की बातें करती है, वही सरकार आज बुजुर्गों को दफ्तरों, पोर्टलों और फाइलों में धक्के खिलवा रही है। यह प्रशासनिक नाकामी नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया अत्याचार है।”
भाकियू नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तुरंत प्रभाव से वृद्ध पेंशन पर लगाई गई सभी शर्तें खत्म नहीं कीं और काटी गई पेंशन बहाल नहीं की, तो किसान यूनियन आर-पार की लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सड़क से सदन तक सरकार की नींद उड़ाने वाला आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी इस मौक़े पर मौजूद रहे जयसिंह, जिला सिंह, जीतू राम, रामचंदर, जय किसन पंडित, सूबे सिंह, जगदीश चंद, शमशेर सिंह, पूर्व पंच रामपाल, रोशन लाल कृष्ण फौजी, सुरेश कुमार, चमेल सिंह, कामरेड रामकुमार, नफे सिंह बड़ी तादाद में किसान व मज़दूर मौजूद रहे।
