दक्ष दर्पण समाचार सेवा
(महेंद्र गोयल)
हिसार, 11 जनवरी : समर्थगुरु धारा के तत्वावधान में आज कौशिक नगर स्थित साधना केंद्र में संजीवनी ध्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य जितेंद्र द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में साधकों ने सहभागिता की। ध्यान सत्र के दौरान साधकों को गहन एकाग्रता,
श्वसन-संतुलन और ऊर्जा जागरण की विधियों का अभ्यास कराया गया। उपस्थित प्रतिभागियों ने संजीवनी ध्यान के बाद मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक स्थिरता का अनुभव होने की बात कही। आचार्य जितेंद्र ने अपने संबोधन में बताया कि संजीवनी ध्यान व्यक्ति को तनाव, चिंता और नकारात्मक भावनाओं से मुक्त कर जीवन में संतुलन स्थापित करने में सहायक होता है। उन्होंने नियमित ध्यान अभ्यास को स्वस्थ और जागरूक जीवनशैली का आधार बताया।
इस अवसर पर समर्थगुरु धारा संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य सुभाष ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में ध्यान एक प्रभावी साधन है, जो व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाता है। उन्होंने सभी शहर वासियों से अपील की कि वे 30 जनवरी से 1 फ़रवरी तक चौधरी रिसॉर्ट, हिसार में आयोजित तीन दिवसीय सिद्धार्थ ध्यान योग शिविर में भाग लेकर इस ध्यान विधि का गहराई से अनुभव करें। आयोजकों के अनुसार, शिविर में संजीवनी ध्यान के साथ-साथ आत्म-विकास, साधना और जीवन संतुलन पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में शामिल साधकों ने संजीवनी ध्यान को जीवन में नई ऊर्जा और दिशा देने वाला बताया। समर्थगुरु धारा संघ ने इसे हर आयु वर्ग के लिए उपयोगी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने का आग्रह किया है।

कौशिक नगर स्थित ध्यान केंद्र में साधना करने पहुंचे साधक।
