भारत के नए श्रम कानून श्रमजीवी पत्रकारो के हक में : डॉ. इन्दु बंसल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार।

दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चंडीगढ़, 25 नवम्बर 2025 –
भारत मे नए श्रम कानून के तहत चार श्रम सहिताएँ लागू हो गई हैं, जिस में औधोगिक श्रम सहिंता, व्यवसायिक सुरक्षा,स्वास्थय ओर कार्य दशा सहिंता,वेतन सहिंता, सामाजिक सुरक्षा सहिंता शामिल हैं।
उक्त श्रम कानूनों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए हरियाणा के पत्रकारो की ट्रेड यूनियन श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा की संस्थापक व प्रदेश अध्यक्ष डॉ इन्दु बंसल ने बताया कि इन नए श्रम सहिंताओ में श्रमजीवी पत्रकारों की परिभाषा में संशोधन करते हुए अब उन का दायरा बढ़ाया गया है।
डॉ बंसल ने बताया कि अब श्रव्य-दृश्य कर्मी की परिभाषा को भी संशोधित किया गया है। नए श्रम कानून का लाभ अब प्रिंट मीडिया के साथ – साथ इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया कर्मियों को भी मिल सकेगा। ओएसएच संहिता, 2020 के अंतर्गत प्रिंट मीडिया के साथ इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया कर्मियों को औपचारिक मान्यता और कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है जिससे उनके लिए सुरक्षित और उचित कार्य स्थितियां सुनिश्चित की जा सकेंगी।
डॉ बंसल ने कहा अब श्रमजीवी पत्रकार की परिभाषा का विस्तार कर इसमें प्रिंट के साथ इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को भी शामिल किया गया है। प्रिंट के अलावा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टीवी, रेडियो, ऑनलाइन इत्यादि) को भी शामिल कर लिए जाने से पत्रकार की परिभाषा अब ज्यादा सामयिक हो गई है। अब फैक्टरियों और कार्यालयों में काम करने वाले श्रमिकों की तरह ही पत्रकारों को भी कार्यस्थल पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के उपायों का लाभ मिल सकेगा।
डॉ बंसल ने कहा श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा प्रिंट मीडिया की तरह इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को मिली इस नई पहचान ,सुरक्षा व सुविधाओं के लिये के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता है साथ ही मांग करता है की जब भारत के नए श्रम कानूनों में प्रिंट,इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को समानता के आधार पर मान्यता,सुरक्षा व सुविधाएं दी गई है तो इन सभी श्रेणियों के पत्रकारों को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं जैसे सरकारी मान्यता पहचान पत्र,रेलवे रियायत पास, निःशुल्क बस पास,सरकारी पेंशन आदि अन्य सुविधाएं भी समान रूप से मिलनी चाहिए।
