
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
पानीपत (हरियाणा): 28 नवम्बर ।
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चण्डीगढ़ ।
आज माननीय अदालत ने 10 वर्षों से लंबित 134-ए निःशुल्क शिक्षा हाईवे जाम मामले की पूरी सुनवाई कर ली है और फैसला 2 दिसंबर 2025 को सुनाने के लिए रिज़र्व कर दिया है।
लगभग दो घंटे की अंतिम बहस के दौरान माननीय कोर्ट ने स्वयं मुख्य आरोपित/प्रतिनिधि सोकेन्द्र बालियान से 134-ए तथा उससे जुड़े हाईवे जाम प्रकरण का विस्तृत विवरण माँगा।
सोकेन्द्र बालियान ने पूरा मामला, तथ्य, परिस्थितियाँ और शिक्षा-अधिकार से जुड़े मूल बिंदु कोर्ट के सामने स्पष्ट किए।
आज ही CrPC 313 के बयान भी रिकॉर्ड हुए और दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी हो चुकी है।
मामले का सार
यह केस State of Haryana Vs. Sokinder Baliyan & Others (Parents–Students) शीर्षक से दर्ज है।
यह मामला उन अभिभावकों–छात्रों से जुड़ा है जो 134-ए के तहत निःशुल्क शिक्षा के वास्तविक लाभ के लिए वर्षों से संघर्षरत थे।
यह दु:खद है कि यह महत्वपूर्ण मामला लगभग 10 वर्षों से लंबित था, जो हमारे न्याय-तंत्र की धीमी प्रक्रिया को भी उजागर करता है।
अब यह केस अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है।
हमारा पक्ष और हमारा सिद्धांत
हम शुरू से ही एक ही बात कहते आए हैं:
“शिक्षा कोई अपराध नहीं-
यह प्रत्येक बच्चे का अधिकार है।”
हमने केवल वह माँगा जो कानून स्वयं प्रदान करता है:
निःशुल्क शिक्षा,
समान अवसर और
मासूम बच्चों का सुरक्षित भविष्य।
10 साल की इस लड़ाई में हमने हमेशा सत्य, संवैधानिक अधिकारों और जन–हित को ही आधार बनाया है।
हम सच्चाई पर कायम हैं।
हम शिक्षा-अधिकारों के लिए हमेशा संघर्ष करते रहेंगे।
पहले भी दर्जनों केस में सत्य की जीत हुई है, इस बार भी सत्य ही जीतेगा।
