धर्म, मानवता, सत्य और शांति के लिए गुरु तेग बहादुर ने चुना बलिदान का रास्ता : राजीव जैन ।

जयवीर सिंह
दक्ष दर्पण समाचार सेवा ।
सोनीपत, 25 नवंबर।
धर्म, मानवता, सत्य, शांति तथा कश्मीरी पंडितों को धर्म परिवर्तन से बचाने के लिए गुरु तेग बहादुर ने बलिदान का रास्ता चुना, इसलिए वह पीढ़ी दर पीढ़ी अत्याचार के विरुद्ध अदम्य साहस के प्रतीक एवं धार्मिक स्वतंत्रता के महान संरक्षक के रूप में जाने जायेंगे।
नगर निगम मेयर राजीव जैन ने सेक्टर 15 स्थित गुरूद्वारे में गुरु तेग बहादुर के 350 वें बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। सिख समाज ने राजीव जैन को सिरोपा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भाई बलजीत सिंह एवं साथी ने शब्द कीर्तन किया और तेग बहादुर की वीरता का बखान किया।

राजीव जैन ने कहा कि दुनिया में प्रचलित धारणा है कि जब भी मानवता पर अत्याचार होता है तब मानवता एवं धर्म की रक्षा के लिए कोई अवतार जन्म लेता है, गुरु जी ने ओरंगजेब के जुल्म के खिलाफ खड़े होकर लोगों की रक्षा की और अपना शीश दान कर दिया। उसके बाद जबरन इस्लाम धर्म कबूलने की मुहिम पर ब्रेक लग गए।
उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा सरकार गुरु तेग बहादुर के नाम पर कलेसर में वन विकसित किया जा रहा है, यमुनानगर में कृषि विद्यालय उनके नाम पर बनाना प्रस्तावित है, टोहाना – जींद – नरवाना हाईवे का नामकरण, देवी लाल विश्वविद्यालय में उनके नाम पर चेयर स्थापित करने की घोषणा की है ताकि आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेते रहें ।
