भाजपा हरियाणा की पिच से पंजाब में कर सकती है राजनीतिक चौंके छक्कों की बरसात ! कप्तानी करेंगे नायब सिंह सैनी!

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धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा dakshdarpan2024@gmail.com
चण्डीगढ़।
भारतीय जनता पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि व्यवस्था, व्युहरचना , रणनीति और दूरदर्शिता के दम पर कठिन से कठिन चुनाव भी जीते जा सकते हैं। उसने दिखा दिया है कि यह भी जरूरी है कि उसके लिए विरोधी की घेराबंदी समय रहते हो जानी चाहिए ।
भाजपा के बड़े नेताओं को दिल्ली के साथ सटे हरियाणा की अहमियत का पता है। जिस तरह दिल्ली की जीत में हरियाणा को इस्तेमाल किया गया उसी तरह आने वाले समय में भाजपा के नेता इसी हरियाणा को बैटिंग पिच बना कर और उसके मुख्यमंत्री को पंजाब में चुनाव जीतने के लिए फ्रंट फेस बनाकर बड़ा काम कर सकते हैं। मकसद है दिल्ली और बिहार की तरह पंजाब को भी जीतना ।
हम एक बात बार-बार कह रहे हैं कि पंजाब भारतीय जनता पार्टी विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक पॉलिटिकल लैबोरेट्री है और वह तब तक संतुष्ट नहीं होंगे जब तक हरियाणा ,हिमाचल प्रदेश, दिल्ली की तरह पंजाब में भी अपनी सरकार नहीं बना लेंगे।
यह बात भाजपा के सारे विरोधी नेता, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी जानते हैं। इस समय भगवंत मान की बॉडी लैंग्वेज सारी कहानी बयां कर रही है। बिहार के चुनाव में जीत के बाद पंजाब के नेताओं को भी यह डर सताने लगा होगा कि पंजाब में बीजेपी बड़ी योजना के साथ काम करने वाली है और उसी के कारण उनके कई सपने चकनाचूर भी हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कुरुक्षेत्र पधारे हैं। वह कुरुक्षेत्र के महत्व को भी जानते हैं ।कुरुक्षेत्र के मंच को वह पंजाब को मैसेज देने के लिए प्रयुक्त कर सकते हैं। आपको बता दें कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और 6 महीने बाद हरियाणा में विधानसभा के चुनाव आए तो उन्होंने कुरुक्षेत्र से ही चुनाव प्रचार की शुरुआत की थी और वहां हरियाणा की जनता को चोरी चोरी चुपके चुपके और इशारों में ही सही ,एक संदेश दिया था और वह संदेश शायद हरियाणा की जाट गैर जाट की राजनीति से जुड़ा हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी चतुराई से मंच से कहा था कि, दबंगों से अपनी बहन बेटियों की इज्जत सुरक्षित रखनी है तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार बना देना।
दबंग कौन है , शायद यह उन सब ने समझ लिया था जो खुद दबंग नहीं है। यह बात भी भाजपा के हरियाणा में पहली बार सरकार बनाने में काम आई।भारतीय जनता पार्टी के नेता हर कार्यक्रम को इवेंट की तरह भी देखते हैं। जातीय समीकरणों को, नेताओं की उपयोगिता को बहुत अच्छे से प्रयुक्त करना जानते हैं। भारतीय जनता पार्टी पंजाब में अग्रवाल समाज के लोगों के हस्तक्षेप, प्रभाव और सोच को अच्छी तरह से समझते हैं । बताते हैं कि ह इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाया गया ।आपको बता दें कि हरियाणा में भाजपा के अध्यक्ष को बदलने का सवाल आया तो इस बात की संभावनाएं बढ़ गई है कि वह भी कोई बणिया हो सकता है।
आप एक बात को और समझ सकते हैं कि भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की तरह पंजाब में भी पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को काबू करना चाहती है और इसके लिए उसके पास मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को फ्रंट फेस के रूप में प्रयुक्त किया जा सकता हैं।
मुख्यमंत्री सैनी ने हरियाणा में चुनाव जीतने के बाद पंजाब के जितने दौरे किए हैं सारे के सारे शुद्ध तौर पर राजनीतिक मकसद से प्रभावित हैं ।अब पूरे एक वर्ष उनकी पंजाब की सक्रियता काफी बढ़ सकती है। विशेषज्ञ इस बात का दावा करते हैं कि सिक्खों की सहानुभूति बटोरने में भाजपा कभी पीछे नहीं रहती। जानकार महसूस करते हैं कि गुरु तेग बहादुर के बलिदान को बड़े स्तर पर मनाने के लिए हरियाणा में बढ़खालसा में बड़ा कार्यक्रम विशेष तौर पर आयोजित किया गया जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अब कुरुक्षेत्र के मंच का इस्तेमाल भी बहुत ही प्रभावी तरीके से हो सकता है।
दिल्ली के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अरविंद केजरीवाल का शिकार एक तरह से घेरकर किया। ऐसे ही हालात पंजाब में भी पैदा किये जा सकते हैं ।पिछले दिनों मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब पहुंचकर एक बयान दिया कि जब पंजाब में बाढ़ के हालात बहुत खराब थे तो मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्पताल में भर्ती हो गए और अरविंद केजरीवाल दिल्ली भाग गए। इस बयान को पंजाब के लोगों के यह साइकोलॉजिकल ट्रीटमेंट के साथ-साथ भावना भड़काने के तरीके के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा के नेता पंजाब के चुनाव में अकाली दल की कमजोरी, कांग्रेस की फूट और आम आदमी पार्टी के इनकम्बसी फैक्टर को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की योजना पर काम कर रहे है । आप समझ सकते हैं कि भाजपा के नेता अपने लक्ष्य को साधने की क्षमता तो रखते ही हैं ।
इसलिए भाजपा का सरकार बनाने का अगला डेस्टिनेशन पंजाब भी हो सकता है। ऐसा भी माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी आने वाले समय में पंजाब हरियाणा चंडीगढ़ उत्तर प्रदेश ही नहीं जम्मू कश्मीर को भी बैलेंस करने की योजना पर काम कर रही है। पंजाब में चुनाव में जीत डिसाइडिंग फैक्टर के रूप में देखी जा सकती है। जानकार इस बात का भी दावा कर रहे हैं कि आने वाले समय में उत्तर भारत का अंदरुनी नक्शा भी बदल सकता है। भाजपा इस से पहले पंजाब में अपना सिक्का जमाने का काम पूरा करना चाहती है। कई मामलों में भाजपा के नेता अंग्रेजों की तरह सोचते और काम करते भी नजर आते हैं।
