
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
कैथल (कृष्ण प्रजापति): देशभर में चल रहे आई लव मोहम्मद अभियान को लेकर बढ़ते विवाद पर सिरटा रोड स्थित मदनी मदरसा के संचालक मौलाना सईदूर रहमान ने लोगों से शांति, संयम और बुद्धिमत्ता का परिचय देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पैगंबर मुहम्मद की शिक्षाएं हमें क्रोध नहीं, बल्कि सब्र, दया और समझदारी का रास्ता अपनाने की प्रेरणा देती हैं। मौलाना सईदूर रहमान ने कहा कि पैगंबर का जीवन धैर्य और करुणा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने हमेशा अपने विरोधियों तक से भी भलाई का व्यवहार किया। उन्होंने कुरान की आयत का हवाला देते हुए कहा कि भलाई और बुराई बराबर नहीं हैं। तुम बुराई को उस तरीके से दूर करो जो सबसे अच्छा हो, तब तुम देखोगे कि तुम्हारे और जिसके बीच दुश्मनी थी, वह ऐसा हो जाएगा जैसे वह गहरा दोस्त हो। उन्होंने कहा कि आज जब सोशल मीडिया और सड़कों पर विरोध और उत्तेजना का माहौल बनता है, तो नुकसान समाज को ही होता है। सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचती है, व्यापार ठप्प होते हैं और निर्दोष लोग प्रभावित होते हैं। इससे इस्लाम की वह शांति और सद्भाव की छवि धूमिल होती है जो पैगंबर ने अपने जीवन से स्थापित की थी।
मौलाना ने कहा कि असली इज़्ज़त-ए-रसूल की रक्षा नारे या तोड़फोड़ से नहीं, बल्कि पैगंबर की सुन्नत पर अमल करके की जाती है। उन्होंने कुरान की आयत दीन में कोई जबरदस्ती नहीं (सूरह अल-बकरह: 256) का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लाम का असली सौंदर्य उसके अनुयायियों के अच्छे आचरण में निहित है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को किसी बात पर आपत्ति है तो कानूनी और शांतिपूर्ण रास्ते हमेशा खुले हैं अदालतें, याचिकाएं, संवाद और जनजागरण। यही एक सभ्य समाज और इस्लाम दोनों की पहचान है। अंत में मौलाना सईदूर रहमान ने कहा कि यह समय सब्र और हिकमत का है, न कि गुस्से का। अल्लाह तआला फरमाता है और सब्र करो, निःसंदेह अल्लाह सब्र करने वालों के साथ है, इसलिए हमें चाहिए कि हम पैगंबर मुहम्मद की सच्ची मोहब्बत उनके बताए रास्ते पर चलकर दिखाएं, यही असली ‘आई लव मोहम्मद’ है।
