
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
भागलपुर ।
अंग प्रदेश की छात्र राजनीति में एक नया और उत्साही चेहरा उभर रहा है—हृषिकेश प्रकाश।

हृषिकेश प्रकाश जुझारू व्यक्तित्व के लिए जाने जाते है। मारवाड़ी कॉलेज, भागलपुर के छात्र और छात्र राष्ट्रीय लोक मोर्चा (CRLM) के अध्यक्ष, हृषिकेश ने यह साबित किया है कि छात्र राजनीति केवल सत्ता की दौड़ नहीं, बल्कि छात्रों के हक और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए लड़ाई है। उनके नेतृत्व में छात्र संगठन ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और उन्हें एक सशक्त आवाज़ के रूप में स्थापित किया है।

जन्म, बचपन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
हृषिकेश प्रकाश का जन्म मिथिलांचल नगरी कहे जाने वाले सहरसा जिले के महिषी गांव जो मां उग्रातारा की पावन भूमि है में 5 अगस्त 2007 को प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरती पर हुआ। उनका परिवार एक सामान्य मध्यवर्गीय परिवार है, जहाँ शिक्षा और संस्कार को सबसे ऊँचा स्थान दिया जाता है। उनके पिता श्री राकेश कुमार चौधरी ज्योतिषाचार्य है तो वहीं माता श्रीमती संगीता कुमारी एक गृहिणी है। हृषिकेश जी की दो बड़ी बहने है।
बचपन से ही उन्होंने सादगी, मेहनत और ईमानदारी को अपने जीवन का मूलमंत्र बना लिया।
जन्म के कुछ साल बाद ही वह अंग प्रदेश की धरती भागलपुर में रहने लगे।

उनके माता-पिता ने उन्हें न सिर्फ़ शिक्षा का महत्व सिखाया, बल्कि समाज और लोगों की सेवा का संस्कार भी दिया। घर के साधारण वातावरण में बड़े होते हुए उन्होंने करीब से आम छात्रों और समाज की परेशानियों को देखा। यही वजह है कि आज भी उनकी सोच जमीन से जुड़ी हुई है और वे छात्रों की तकलीफ़ों को अपनी तकलीफ़ मानते हैं।
बचपन में ही वह एक तेजस्वी और जिज्ञासु बालक के रूप में जाने जाते थे। पढ़ाई के साथ-साथ वह खेलों, सांस्कृतिक गतिविधियों और विभिन्न बौद्धिक आयोजनों में सक्रिय रहते थे। स्कूल में रहते हुए ही उनका रुझान वाद-विवाद प्रतियोगिता और भाषण की ओर हो गया था, जहाँ वे अक्सर अपनी बात बेबाकी से रखते और साथियों को प्रभावित करते।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
हृषिकेश प्रकाश ने अपनी शिक्षा की नींव भागलपुर के एक प्रतिष्ठित CBSE स्कूल नवलोक इंग्लिश अकादमी से नर्सरी से शुरुआत रखी।
वह कक्षा दसवीं में फर्स्ट डिवीजन के साथ आगे की नींब रखी। इसके बाद उन्होंने इंटर की पढ़ाई मारवाड़ी कॉलेज, भागलपुर से डिस्टिंक्शन के साथ पूरी की। वर्तमान में वह बी.ए राजनीति विज्ञान, फर्स्ट सेमेस्टर नई शिक्षा नीति चार वर्षीय, CBCS कोर्स में अध्ययनरत हैं।
उनकी शिक्षा केवल अकादमिक सफलता तक सीमित नहीं रही। उन्होंने हमेशा छात्रों की भलाई और नेतृत्व के गुण विकसित करने पर ध्यान दिया। स्कूल और कॉलेज के समय से ही वह छात्र हितों की दिशा में सक्रिय रहे, और यही उनके भविष्य के नेतृत्व का आधार बना।
छात्र राजनीति में प्रवेश और प्रेरणा
हृषिकेश ने छात्र राजनीति में कदम उस समय रखा, जब वह कॉलेज में नए आए। उन्होंने देखा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रशासन तक पहुँचने का कोई स्पष्ट मार्ग नहीं था। स्वयं एक समस्या लेकर जब उन्होंने पदाधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्हें एहसास हुआ कि छात्रों की मदद करने वाला कोई नहीं है।
यह अनुभव उनके लिए निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने ठाना कि छात्रों की आवाज़ बनकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने अपने इस जुनून, विश्वास और दृढ़ संकल्प के कारण छात्र राजनीति को अपनाया। उनका मानना है कि छात्र राजनीति केवल सत्ता या पद पाने की दौड़ नहीं, बल्कि छात्र हितों की रक्षा और उनका नेतृत्व करना है।
CRLM में भूमिका और अनुभव
हृषिकेश प्रकाश ने Class 11th और 12th में भी छात्रों की मदद की, हालांकि वह किसी संगठन से जुड़े नहीं थे। इस दौरान उन्होंने अपने नेतृत्व और प्रयास से छात्रों की समस्याओं को समाधान दिलाया।
23-24 सत्र में, उन्होंने बिना किसी संगठन के सभी छात्रों की समस्याओं को ध्यान से देखा और उन्हें समाधान दिलाया।
2025 में, 3 मई को, उनके करीबी साथी ने CRLM में शामिल होने का प्रस्ताव दिया।
उनके उत्साह, विश्वास, जुनून और दृढ़ संकल्प को देखते हुए उन्हें संगठन में शामिल होने का निमंत्रण मिला।
इस बार उन्होंने संगठन के माध्यम से अपने अनुभव को साझा किया और छात्रों के हित में व्यापक बदलाव लाने का निर्णय लिया।
इस अनुभव ने उन्हें यह सिखाया कि अकेले प्रयास से भी बदलाव संभव है, लेकिन संगठन में जुड़कर काम करने से यह प्रभाव और भी गहरा और व्यापक बनता है।
प्रमुख संघर्ष और उपलब्धियाँ
हृषिकेश प्रकाश ने अपने नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संचालित किए।
- संपूर्ण और नियमित कक्षाओं का संचालन
छात्रों के नियमित शिक्षण को सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों के साथ मिलकर क्लासेस का टाइमटेबल बनाए रखा।
विश्वविद्यालय में फैली शैक्षणिक अर्राजकता और अस्थिरता के बावजूद उन्होंने सुनिश्चित किया कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो।
कक्षाओं का नियमित संचालन छात्रों में अनुशासन और शिक्षा के प्रति गंभीर दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक साबित हुआ।
- छात्र हित में नेतृत्व
I-Card वितरण, RO पानी की सुविधा, कक्षा संचालन और अन्य छात्रों की मूलभूत सुविधाओं के लिए लगातार ज्ञापन और बैठकें की।
छात्रों और शिक्षकों के बीच समन्वय स्थापित किया ताकि समस्याओं का त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान हो।
खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में छात्रों की भागीदारी बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
- भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ संघर्ष
परीक्षा, परिणाम और अन्य प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पहल की।
विश्वविद्यालय में फैली गहरी भ्रष्टाचार और ऐतिहासिक अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों की आवाज़ बनकर खड़े हुए।
उन्होंने यह सिद्ध किया कि यदि नेतृत्व ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ काम करे, तो बड़ी से बड़ी समस्या भी हल की जा सकती है।
- छात्रों की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व विकास
हृषिकेश के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने अपनी आवाज़ उठाना सीखा।
उन्होंने छात्रों को केवल पैसिव आब्जर्वर न रहकर, सक्रिय रूप से छात्र हित में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
इस अनुभव से छात्रों में संगठन, अनुशासन और नेतृत्व की भावना विकसित हुई।
उनके प्रयासों के कारण छात्रों ने सामूहिक रूप से विश्वविद्यालय में कई सुधारों को लागू करवाया।
विज़न और भविष्य की योजनाएँ
हृषिकेश प्रकाश का उद्देश्य छात्रों की शिक्षा, सुविधा और अधिकारों को सुनिश्चित करना है। उनका विज़न निम्नलिखित है:
- छात्रों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष करना।
- शिक्षा की गुणवत्ता और नियमित कक्षाओं को सुनिश्चित करना।
- छात्रों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान करना।
- खेल, सांस्कृतिक और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में छात्रों की भागीदारी बढ़ाना।
- विश्वविद्यालय में पारदर्शिता और अनुशासन को बढ़ावा देना, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सतत प्रयास करना।
हृषिकेश मानते हैं कि छात्र राजनीति केवल सत्ता की दौड़ नहीं, बल्कि यह छात्रों की सेवा और उनके अधिकारों की रक्षा का माध्यम है। उनका दृष्टिकोण है कि संगठन और नेतृत्व से छात्रों को शिक्षित, जागरूक और सक्रिय बनाया जा सकता है।
आदर्श वाक्य और दृष्टिकोण
“छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है, और छात्रों की सेवा ही लोकतंत्र की असली पहचान है।”
“छात्र राजनीति केवल सत्ता की दौड़ नहीं, बल्कि छात्रों के हक की लड़ाई है।”
उनकी सोच यह दर्शाती है कि छात्र राजनीति में नेतृत्व का असली माप यह है कि छात्र संगठन के माध्यम से कितनी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
व्यक्तिगत अनुभव और कहानी
हृषिकेश ने अपने अनुभवों से यह सीखा कि अकेले प्रयास सीमित प्रभाव डाल सकते हैं, लेकिन संगठनात्मक नेतृत्व और सामूहिक प्रयास छात्रों के हित में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने देखा कि छात्रों की समस्याओं को अनसुना किया जाता था।
अपने संघर्ष और प्रयासों के माध्यम से उन्होंने छात्रों को यह विश्वास दिलाया कि अगर हम संगठित होकर आवाज उठाएँ तो कोई भी समस्या बड़ी नहीं होती।
छात्रों के बीच जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने में उनका योगदान अद्वितीय रहा।
वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिता: हृषिकेश ने कई डिबेट, भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अपने तर्कपूर्ण विचारों से निर्णायकों और छात्रों को प्रभावित किया।हृषिकेश का मानना है कि सांस्कृतिक गतिविधियाँ छात्रों की रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। यही कारण है कि वे राजनीति और समाज सेवा के साथ-साथ युवाओं को सांस्कृतिक मंच पर भी आगे आने के लिए प्रेरित करते हैं।
निष्कर्ष
अंग प्रदेश की धरती पर उभरते इस युवा नेता ने यह साबित किया है कि नेतृत्व केवल पद पाने के लिए नहीं, बल्कि समाज और छात्रों की भलाई के लिए होना चाहिए। हृषिकेश प्रकाश की कहानी संघर्ष, समर्पण और स्थिरता का प्रतीक है।
उनकी उपलब्धियाँ और नेतृत्व क्षमता यह दर्शाती हैं कि छात्र राजनीति का सही उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। हृषिकेश प्रकाश यह साबित कर चुके हैं कि जब छात्र अपने हक और अधिकारों के लिए संगठित होकर खड़े होते हैं, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। हृषिकेश प्रकाश का व्यक्तित्व बहुआयामी है। उन्होंने शिक्षा और राजनीति के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी विशेष योगदान दिया है। कॉलेज जीवन में उन्होंने कई प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया और कई मौकों पर नेतृत्व भी किया।
