दक्ष दर्पण समाचार सेवा
यमुनानगर। नगर निगम की महापौर सुमन बहमनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत एक देश एक चुनाव की परिकल्पना एक भारत, श्रेष्ठ भारत की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है। इससे देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी और संसाधनों की भी बचत होगी।
महापौर सुमन बहमनी ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों से राज्य में विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। हरियाणा में बीते एक वर्ष में लगातार तीन बड़े चुनाव हुए, जिनमें लोकसभा, विधानसभा और नगर निकाय चुनाव शामिल रहे। बार-बार आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य ठप्प पड़ जाते हैं और प्रशासनिक मशीनरी भी चुनावी कार्यों में व्यस्त हो जाती है, जिसका सीधा असर आमजन पर पड़ता है।
संसाधनों की बचत, लोकतंत्र में बढ़ेगी भागीदारी
महापौर ने बताया कि एक देश एक चुनाव लागू होने से संसाधनों की बचत होगी और जनता की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी और अधिक बढ़ेगी। अलग-अलग समय पर चुनाव कराए जाने से खर्च में बढ़ोतरी होती है और मतदाताओं का उत्साह भी कम होता है। यदि चुनाव एक साथ कराए जाएं तो लोकतंत्र को नया आयाम मिलेगा और जनभागीदारी भी अधिक सशक्त होगी। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए सामाजिक-सांस्कृतिक कारकों का ध्यान जरूरी है।
सशक्त लोकतंत्र की ओर एक महत्वपूर्ण कदम –
महापौर सुमन बहमनी ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि इससे लोकतंत्र की मजबूती और आमजन की सहभागिता को भी बल मिलेगा। हरियाणा सरकार द्वारा इस प्रस्ताव को समर्थन देने से यह साबित होता है कि राज्य सरकार लोकतंत्र को मजबूत करने के हर प्रयास में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि यमुनानगर नगर निगम भी इस सोच का समर्थन करता है और हम सब मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

एक देश एक चुनाव के बारे में जानकारी देती मेयर सुमन बहमनी।
