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होडल अंबेडकर भवन में डा भीमराव अंबेडकर 134 वीं जयंती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन दलित वर्ग कल्याण समिति द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उदयभान ने डॉ भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उसके बाद अपने पिता एवं दलित वर्ग कल्याण समिति के संरक्षक गयालाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए।
उदयभान ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ अंबेडकर साहब हिंदुस्तान के सबसे बड़े विद्वान थे। बाबा साहब हिंदुस्तान का संविधान बनाया उन्होंने जातिप्रथा को समाप्त कर सभी वर्गों के लोगों को समान रूप से जीने का अधिकार दिया। आज इस इक्कीसवीं सदी में भी दलित समाज को हीन भावना की दृष्टि से देखा जाता है। जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले आंबेडकर को समानता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। आंबेडकर को विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है।अंबेडकर जयंती डॉ. बीआर अंबेडकर के जीवन और योगदान का जश्न मनाती है, जिन्होंने दलितों और हाशिए के समुदायों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। यह भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और समानता, न्याय और सामाजिक सुधारों के लिए उनके आजीवन संघर्ष का सम्मान करता है।अंबेडकर साहब वकील होने के साथ-साथ अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और महान समाज सुधारक भी थे। डॉ. भीमराव अंबेडकर को बाबासाहेब अंबेडकर के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने छुआछूत और जातीय भेदभाव के खिलाफ आंदोलन चलाया। डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का वास्तुकार भी माना जाता है। वह भारत के संविधान की मसौदा समिति के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय पर आधारित संविधान की नींव रखी। इस अवसर पर अशोक कुमार, राजेंद्र नंबरदार, बााबू खेमचंद, मास्टर रतनसिंह ,देवेश कुमार, ओमवीर शर्मा, उदय सिंह सोरोत, मेजर नंबरदार, एडवोकेट बंसीलाल, नरवीर भुलवाना हेतराम पहलवान आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
