धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा dakshdarpandaily@gmail.com
चण्डीगढ़।

सढौरा विधानसभा क्षेत्र में बसपा इनेलो गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे इस क्षेत्र के मजबूत और लोकप्रिय नेता बृजपाल छप्पर अपनी मेहनत और समर्पण के बूते यह सिद्ध करने की स्थिति में पहुंच गए लगते हैं कि सर्वेक्षण के आधार पर टिकट देने का कथन कांग्रेस के नेताओं का एक ढकोसला मात्र था। यदि वह सच में सर्वेक्षण करके उम्मीदवारों के नाम का फैसला करते तो बृजपाल छप्पर को सढौरा से उम्मीदवार बनाना लाजमी था । लेकिन कांग्रेस ने सीटिंग गेटिंग के फार्मूले को अपनाते हुए मौजूदा विधायक रेणु बाला को ही टिकट दे दी जिसका खामियाजा अब सढौरा में कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है।
अब सर्वेक्षण से पता चला है कि सढौरा में कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए बृजपाल छप्पर चुनाव प्रचार में बहुत आगे निकल चुके हैं और उनकी जीत की पक्की संभावनाएं अभी से व्यक्त की जाने लगी है। कहते हैं घी अंधेरे में ही दिख जाता है यह बात सढौरा विधानसभा क्षेत्र का जायजा लेने से ही पता चल जाती है । समझ में आ सकता है कि यहां हर और गठबंधन उम्मीदवार बृजपाल छप्पर का जलवा है।

कांग्रेस से बसपा में चले गए बृजपाल छप्पर ।
लगता है कि यहां गलती कांग्रेस ने ही नहीं, लगता है भाजपा ने भी की है ।भाजपा ने एक बार फिर पूर्व विधायक बलवंत सिंह को ही टिकट दे दी ।बलवंत सिंह 2019 में भी बुरी तरह से हार गए थे। इसके बावजूद पिछले 5 साल में भारतीय जनता पार्टी सढौरा में उनका विकल्प तक तैयार नहीं कर पाई और बलवंत सिंह ने भी कथित तौर पर किसी दूसरे नेता को उभरते और पनपने नहीं दिया। अंत में वही हुआ जो लोग नहीं चाहते थे। यदि भारतीय जनता पार्टी किसी नए उम्मीदवार को मैदान में उतारती तो यहां भी मुकाबला देखने को भी मिल सकता था लेकिन अब स्थिति यह बताई जा रही है कि बसपा के उम्मीदवार बृजपाल छप्पर चुनाव प्रचार में बहुत आगे निकल चुके हैं और ऐसा माना जा रहा है कि ज्यों ज्यों चुनाव आगे बढ़ेगा, बृजपाल की जीत का अंतर भी बढ़ता चला जाएगा। कमाल की बात यह हो सकती है कि चंद महीने पहले जहां सडौरा से कांग्रेस 40000 से भी ज्यादा मतों से जीती थी वहां कांग्रेस को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ सकता है ।बृजपाल छप्पर ने इस मान्यता को सच साबित करने की कोशिश की है कि लोकतंत्र में जो व्यक्ति लोगों के बीच में रहता है लोग उसे पलकों पर भी बैठा लेते हैं।

इंडियन नेशनल लोक दल की आशा की किरण है पूर्व विधायक दिलबाग नैन।
मौजूदा चुनाव में यमुनानगर जिले की तीन सीटों सढौरा जगाधरी और यमुनानगर में गठबंधन के नाम से चमत्कारिक परिणाम सामने आ सकते हैं और इसका श्रेय पार्टी से ज्यादा उम्मीदवारों को मिलेगा।

टिकट के साथ गठबंधन भी काम आ सकता है दर्शन खेड़ा जगाधरी।
सढौरा में बृजपाल, जगाधरी में दर्शन खेड़ा और यमुनानगर हल्के में पूर्व विधायक दिलबाग नैन मजबूत उम्मीदवार के रूप में देखें जा रहे हैं।
