
@दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ़
22 जून : हरियाणा सूचना आयोग के पूर्व आयुक्त एवं कांग्रेस नेता अशोक मैहता ने कहा कि देश में जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, वहां-वहां विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक होना अथवा परीक्षा का किसी न किसी विवाद में फंस जाना सामान्य सी बात हो गई है। इससे निष्कर्ष निकलता है कि निर्विवाद परीक्षाएं करवाना भाजपा सरकारों के बस की बात नहीं है और देश की भावी पीढ़ी का भविष्य भाजपा के हाथों में सुरक्षित नहीं है।
यहां जारी विज्ञप्ति में अशोक मैहता ने कहा कि हरियाणा में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है, राज्य की कोई भी महत्वपूर्ण परीक्षा विवादों के बिना संपन्न नहीं हुई है। इससे हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की साख बुरी तरह प्रभावित हुई है, लेकिन अब तो भाजपा शासित सभी राज्यों में यही हाल है। मध्यप्रदेश का व्यापम घोटाला लोग भूले नहीं हैं। आज पूरे देश में नीट पेपर लीक कांड की गूंज है और इस घोटाले ने देश के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया है। सरकार की नाकामी के कारण इन मेहनती परीक्षार्थियों की मेहनत पर पानी फिर गया है और इनकी एवं इनके अभिभावकों की आंखों में आंसू हैं।
अशोक मैहता ने कहा कि देश में पेपर लीक की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं। यदि नीट की परीक्षा में गड़बड़ी होगा तो देश को योग्य डाक्टर नहीं मिल पाएंगे और अयोग्य लोग डाक्टर बनकर देशवासियों की सेहत के साथ खिलवाड़ करेंगे। इस प्रकार यह घोटाला केवल इन परीक्षार्थियों के भविष्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे देश के लोगों के साथ बहुत बड़ा षड्यंत्र है, जिसके दूरगामी नकारात्मक परिणाम निकलेंगे। इसलिए सरकार को इस मामले की न्यायिक जांच करवानी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करने चाहिए।
