
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
डेराबस्सी , 9 मार्च राजेंद्र कौर फोटो सहित
डेराबस्सी से छह किमी दूर गांव बेहड़ा के मग्गो केमिकल्स नामक प्लांट में सोमवार दोपहर भीषण फायर हादसे में प्लांट समेत सारी फैक्ट्री पूरी तरह तबाह हो गई। फैक्ट्री मालिक ने 6 करोड रुपए से अधिक का नुकसान बताया है। आग की वजह प्लांट में स्टैटिक चार्ज रहा जिसकी डेराबस्सी फायर ब्रिगेड ने भी पुष्टि की है।
सोमवार दोपहर करीब 3:00 बजे लगी आग में हजारों लीटर कच्चे व फिनिश्ड केमिकल्स समेत फैक्ट्री का पांच मंजिला प्लांट व मशीनरी व इमारत का आरसीसी स्ट्रक्चर तक तबाह हो गया। कूलिंग प्लांट भी पूरी तरह नष्ट हो गया। 200 लीटर वाले प्लास्टिक व लोहे के ड्रमों में कच्चा व तैयार माल के रूप में केमिकल्स आग में जल गए।
मग्गो केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल कंपनी के मालिक रवि मग्गो ने बताया की प्लांट में चार स्टोरेज टैंक लोहे के थे जो तबाह हो गए जबकि प्लास्टिक के दो टैंक थे जो आग में केमिकल समेत पूरी तरह खाक हो गए। उन्होंने कहा कि प्लांट में सवा 6 करोड रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि यह केमिकल प्लांट 2016 में स्थापित होकर 2017 में प्रोडक्शन में आ गया था। एक साल बाद ही आग में यह प्लांट पूरी तरह बर्बाद हो गया था जिसे दोबारा चालू करने में 1 साल लगा। हालांकि 2018 के हादसे में इंश्योरेंस क्लेम भी नहीं मिल सका। जैसे तैसे उन्होंने फैक्ट्री खड़ी की जिसमें 20 से 25 लोगों को रोजगार मिला परंतु सोमवार को हुए फायर हादसे में नुकसान 6 साल पहले के हादसे से भी अधिक रहा। फैक्ट्री को दोबारा से खड़ी करने में फिर से 1 साल लग जाएगा।
जानकारी मुताबिक डेढ़ एकड़ में फैली फैक्ट्री में अति ज्वलनशील केमिकल्स 200-200 लीटर के प्लास्टिक व लोहे के ड्रमों में स्टोर थे। इसके अलावा स्टोरेज टैंक में अलग से केमिकल जमा थे। ज्वलनशील केमिकल्स के कारण ही आग मिनटों ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। मौके से उठने वाला काला धुआं पांच पांच किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता था। डेराबस्सी के फायर अफसर जसवंत ने बताया कि केमिकल्स जलने से आंखों में जलन व गंध जरूर फैलती हैं परंतु हवा का रुख बरवाला की ओर होने के कारण इसकी चपेट में लोग नहीं आए। इस फैक्ट्री में कुल आठ रिएक्टर है और एक बॉयलर है। बेहड़ा में मग्गो केमिकल्स नामक कंपनी में वेस्ट या स्पेंट केमिकल्स को बॉयलर के जरिए रिसाइकल कर मुख्य तौर पर थिनर तैयार किया जाता था। इनमें मिथेनोल, ईथाइल, आईपीए, एमबीसी सहित अत्यधिक ज्वलनशील सॉल्वेंेट्स शामिल हैं। कंपनी में लोहे बीम्स व एंगल्स पर शेड युक्त पांच मंजिला इमारत और शेड भी थे।
