
दक्ष दर्पण समाचार सेवा dakshdarpan2022@gmail.com। कांग्रेस की नेता कुमारी शैलजा ने आज 17 जनवरी से एक यात्रा शुरू की है जो लगभग एक महीना चलेगी। हिसार से शुरू हुई इस यात्रा का समापन अंबाला में होगा।
इस यात्रा के माध्यम से कुमारी सरजा प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगी। इस यात्रा को जहां कुमारी शैलजा के समर्थक और कांग्रेस के दो बड़े नेता पूरा समर्थन दे रहे हैं वही वही कांग्रेस के हरियाणा मामलों के प्रभारी दीपक बाबरिया इसे पार्टी विरोधी गतिविधि बताकर कार्यकर्ताओं को इस यात्रा से दूर रहने की सलाह ही नहीं दे रहे हैं बल्कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात भी कर रहे हैं। इसका सीधा सा मतलब यह है कि उनके निशाने पर एसआरके ग्रुप है। इसी संदर्भ में उनकी एक चिट्ठी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिसमें उन्होंने एक तरह से इस यात्रा के कार्यक्रम पर ही प्रश्न चिन्ह लगा दिया है ।लोग अब सवाल करने लगे हैं कि देखते हैं कि प्रभारी होने के नाते श्री बाबरिया कुमारी शैलजा एसआरके ग्रुप के नेताओं और उनके कार्यक्रम में शामिल होने वाले कांग्रेस जनों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर पाते हैं या नहीं। वह ऐसा नहीं कर पाए तो इसका सीधा सा अर्थ यह लगाया जाएगा कि प्रभारी की यह धमकी मात्र थी जिससे कांग्रेस एक होने की बजाय दो फाड़ होती नजर आ रही है। कांग्रेस समर्थक जागरूक मतदाताओं और कांग्रेस जनों का कहना है कि देखा जाए तो इस यात्रा का कांग्रेस को व्यवहारिक लाभ हो सकता है।। इसका कांग्रेस पार्टी और उसके सभी बड़े नेताओं को समर्थन करना चाहिए। ऐसा लगता है कि इस यात्रा से कुछ नेताओं में घबराहट के हालात हैं। जानकार यह मानकर चल रहे हैं कि बेशक कांग्रेस आला कमान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को फ्री हैंड देने का संकेत दे रही है लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लोग इसे अपने लिए शुभ संकेत मानते हैं । इसका अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी के लोग बड़े उत्साह से यह बात कहते हैं कि कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हाथ में कांग्रेस की बागडोर रही तो भारतीय जनता पार्टी को हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनाने में अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

लोग यह देखना चाहेंगे कि के कांग्रेस के हरियाणा मामलों के प्रभारी की चिट्ठी लिखने के बाद भी प्रदेश भर में कांग्रेस के परंपरागत मतदाताओं ने कुमारी शैलजा की यात्रा को अपना खुला समर्थन दे दिया तो फिर वह कांग्रेस आला कमान को क्या रिपोर्ट देंगे।
श्री बाबरिया ने पत्र में लिखा है कि जब राहुल गांधी यात्रा कर रहे हैं और उनके समर्थन में प्रदेश में कांग्रेस पार्टी 15 जनवरी से घर-घर कांग्रेस हर घर कांग्रेस अभियान चला रही है तो कुमारी शैलजा के कार्यक्रम में शामिल होना आपत्तिजनक है। अब उनकी बात नहीं मानने वालों के वालों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है लेकिन लोग यह सवाल करते हैं कि कुमारी शैलजा ने भी तो कांग्रेस की नीतियों का ही प्रचार करने के लिए यात्रा पर निकली है। देखा जाए तो श्री बाबरिया की चिट्ठी का तो कोई असर होना नहीं है परंतु ऐसा करके उन्होंने कांग्रेस की फूट और गुटबाजी को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है और उस पर अपनी मोहरभी लगा दी है। क्योंकि लोग देखेंगे कि उनकी चिट्ठी जारी होने के बाद भी यात्रा चल रही है लोग उसका स्वागत और समर्थन कर रहे हैं। इसका मतलब है कि प्रदेश में वास्तव में दो कांग्रेस हैं एक का बाबरिया समर्थन कर रहे हैं एक का विरोध कर रहे हैं। प्रदेश में कांग्रेस के ही समर्थक सवाल पूछते हैं कि प्रभारी को कुमारी शैलजा की यात्रा पर तो आपत्ति है परंतु पार्टी के दूसरे नेताओं द्वारा निज हित में अपने समर्थकों को लेकर खुद को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम नजर नहीं आ रहे। ऐसी स्थिति में हरियाणा में भी कांग्रेस की वही स्थिति होगी जो 2022 में पंजाब में हुई थी। पंजाब में इसका लाभ आम आदमी पार्टी को हुआ और हरियाणा में या लाभ भारतीय जनता पार्टी उठा ले जाएगी।
