
धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
पंचकूला।
कांग्रेस पार्टी संगठन सृजन के तहत पंचकूला जिले में शहरी अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया के तहत जल्दी ही तीन में से एक नाम को अंतिम रूप देने वाली है।तीन उम्मीदवारों में दो महिलाएं हैं एक पुरुष ।
नाम भी बता देते हैं। पुरुष हैं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विश्वास पात्र रविंद्र रावल जो पहले नगर परिषद पंचकूला के अध्यक्ष रह चुके हैं। कांग्रेस के पंजाबी चेहरे के रूप में उनके नाम पर विचार होगा। श्री रावल मेयर पद की टिकट के दावेदार भी थे।

सुधा भारद्वाज।
महिलाओं में एक है हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस की पंचकूला की पूर्व मेयर प्रत्याशी श्रीमती सुधा भारद्वाज और दूसरी हैं पंचकूला नगर निगम की पूर्व पार्षद भावना गुप्ता।
पार्टी के पर्यवेक्षक ने पंचकूला पहुंच स्थिति का जायजा लेकर और इन उम्मीदवारों के साक्षात्कार लेकर अपनी रिपोर्ट पार्टी को दे दी है। अब कभी भी सूची जारी हो सकती है।

भावना गुप्ता।
इस मामले में एक रोचक जानकारी यह है कि कांग्रेस के संगठन सृजन कर्ता पंचकूला में महिलाओं को अधिमान देने को मजबूर हैं और वह इसलिए कि जब हरियाणा के जिला अध्यक्षों की सूची जारी हुई तो लोग यह देख कर हैरान थे कि महिलाओं को प्राथमिकता देने की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी ने 32 जिला अध्यक्षों में से केवल एक संतोष बेनीवाल (सिरसा) को मौका दिया है और अब उन्हें भी हटाया जा रहा है। ऐसे में पंचकूला में कांग्रेस के पास महिला को जिला अध्यक्ष बनाने का मौका है।

रविंद्र रावल।
एक बार यह लगता था कि भावना गुप्ता कांग्रेस की जिला अध्यक्ष (शहरी) बन सकती हैं क्योंकि दूसरी महिला दावेदार श्रीमती सुधा भारद्वाज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव पद की भी दावेदार बन गई थी। यदि वह सचिव बन जाती तो भावना गुप्ता को निश्चित तौर पर मौका मिल सकता था परंतु कांग्रेस ने सचिव बनाने की उस प्रक्रिया को ही रद्द कर दिया है। ऐसे में सुधा भारद्वाज फिर से इस पद की मजबूत और प्रबल दावेदार हो गई हैं।
सब जानते हैं कि भावना गुप्ता पंचकूला के कांग्रेस के विधायक चंद्र मोहन की समर्थक हैं और विधायक महोदय उन्हें जिला अध्यक्ष बनाए जाने की वकालत भी कर रहे हैं। आजकल चंद्र मोहन पार्टी में इसलिए भी पावरफुल है कि वह जिले में कांग्रेस के अकेले विधायक हैं। उन्हें कुमारी शैलजा का भी समर्थन प्राप्त है। चंद्र मोहन पंचकूला में अग्रवाल समाज को प्रतिनिधित्व देने के नाम पर भी भावना गुप्ता की वकालत कर रहे होंगे।
लेकिन इस मामले में सुधा भारद्वाज का पलड़ा इसलिए भारी माना जा रहा है कि उनके पक्ष में कई निर्णायक नेता नजर आ रहे हैं। इनमें हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह संभवत सांसद कुमारी शैलजा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला भी हैं। आपको बता दें कि सुधा भारद्वाज के पति संजीव भारद्वाज न केवल पार्टी संगठन में प्रदेश स्तर के पदाधिकारी हैं बल्कि उन्हें कांग्रेस की लॉबिंग में भी महारत हासिल है। सक्रियता में तुलना की बात करें तो सुधा भारद्वाज का इस मामले में कोई मुकाबला नहीं। यह बात भी शीशे की तरह साफ है कि जहां मेयर की टिकट के समय विधायक चंद्र मोहन सुधा भारद्वाज के पक्ष में थे अब खुलकर भावना गुप्ता के साथ हैं।अब देखना है कि ऊंट की करवट बैठता है। पंचकूला में कांग्रेस का यह समायोजन अब बहुत रोचक होता जा रहा है।
