
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
हिसार ।
वानप्रस्थ सीनियर सिटीज़न्स क्लब में आज अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस उत्साह, गरिमा और आत्मीयता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में क्लब के सदस्यों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से वरिष्ठ जीवन की सक्रियता, प्रतिभा और उल्लास का सुंदर परिचय दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम के पार्षद श्री राजेश अरोड़ा रहे।

क्लब के प्रवेश द्वार को डॉ. सुदर्शन के निर्देशन में बच्चों द्वारा बनाई गई सुंदर रंगोली से सजाया गया, जिसने कार्यक्रम स्थल की शोभा बढ़ाई।
क्लब के महासचिव डॉ. जे. के. डांग ने मुख्य अतिथि एवं सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव को सम्मान और गरिमा के साथ जीने का संदेश देता है।
उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1990 में 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस घोषित किया था और पहली बार इसे 1991 में मनाया गया। इसका उद्देश्य वृद्धजनों के योगदान, अधिकारों और गरिमा के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि वृद्धजन केवल समाज के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि अपने अनुभव और ऊर्जा से समाज एवं देश के विकास में सक्रिय भागीदार भी हैं। वानप्रस्थ इसका सुंदर उदाहरण है, जहाँ स्वास्थ्य, मित्रता, सेवा और सक्रिय जीवन के साथ उम्र को आनंदपूर्वक जीने का प्रयास किया जाता है।

कार्यक्रम की मंच संचालिका का कर्तव्य निर्वहन डॉ. दवीना अमर ठकराल ने अत्यंत रोचक, प्रभावशाली व परिष्कृत भाषाशैली में किया । मंच संचालिका डॉ ठकराल ने कार्यक्रम का आग़ाज़ करते हुए कहा
वरिष्ठजनों का सम्मान—हमारी संस्कृति की पहचान।
उनका अनुभव—हमारी धरोहर।
उनके संस्कार—हमारी विरासत।
वरिष्ठजन हमारे जीवन के वे दीपस्तंभ हैं, जिनके अनुभवों से हमारी राहें रोशन होती हैं, जिनके स्नेह से परिवार महकते हैं और जिनके संस्कारों से पीढ़ियाँ समृद्ध होती हैं।
घर में बुज़ुर्गों का होना, तीर्थ के समान है, उनकी छाया में पलना, सौभाग्य महान है। उनके अनुभव जीवन की अनमोल पुस्तक हैं, उनका सम्मान ही हमारी संस्कृति की पहचान है।
डॉ. दीप पूनिया ने मधुर भजन “फूलों का तू है माली, तारों का तू है आली, सारी ज़मीं है तेरी, सब आसमां है तेरा…” प्रस्तुत कर कार्यक्रम का भावपूर्ण शुभारंभ किया।
इस अवसर पर इस वर्ष 80 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सदस्यों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. सतीश कालड़ा, डॉ. हेम राज शर्मा तथा श्री एस. एस. लाठर शामिल थे। सब ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए ।
इसके अतिरिक्त श्री एच. पी. सरदाना, जिन्होंने 95 वर्ष की आयु पूर्ण की है, को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
क्लब की गतिविधियों में नियमित सहभागिता के लिए पुरुष वर्ग में डॉ. अमृत लाल खुराना तथा महिला वर्ग में श्रीमती राज गर्ग को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्रीमती राज गर्ग के पति डॉ. एस. के. गर्ग भी उपस्थित रहे।
डॉ. सुनीता श्योकंद के नेतृत्व तथा काजल के निर्देशन में क्लब की महिलाओं ने सुंदर समूह नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में श्रीमती सरोज ग्रेवाल, डॉ. सुनीता श्योकंद, श्रीमती सुनीता मेहतानी, श्रीमती कौशल जैन, डॉ संतोष ढिल्लों, श्रीमती कमला सैनी, श्रीमती सरोज ग्रेवाल, डॉ इंदु गेहलावत, डॉ पूनम कुंडू, श्रीमती मंजू, श्रीमती सुनीता बहल, श्रीमती पुष्पा शर्मा, डॉ सुदेश गांधी, डॉ. सुनीता जैन तथा डॉ सुदर्शन मेहता ने भाग लिया।
श्रीमती स्नेह चौधरी ने अपनी स्वरचित प्रस्तुति “नारी की व्यथा” पर प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की। एकल अभिनय के माध्यम से उन्होंने महिला के जीवन के विभिन्न पहलुओं और उसकी व्यथा को प्रभावपूर्ण ढंग से रेखांकित किया।
महिला सदस्यों ने विभिन्न वेशभूषाओं में रैंप वॉक प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उस समय देखने को मिला जब डॉ. जे. के. डांग महात्मा गांधी के रूप में रैंप पर आए। उनके मंच पर आते ही उपस्थित सभी सदस्यों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन कर उनका नामकरण “नवयुग के गांधी” से कर दिया किया।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए डॉ. आर. के. सैनी के निर्देशन में “मेरे देश में पवन चले पुरवाई…” समूह गीत की सुंदर प्रस्तुति दी गई। इसमें डॉ. आर. के. सैनी, डॉ. एस. एस. धवन, डॉ. एम. एस. मलिक, डॉ. एम. एस. राणा तथा डॉ. आर. एस. हुड्डा , डॉ. पुष्पा खरब, डॉ. दीप पूनिया, श्रीमती सुनीता बहल, श्रीमती कमला सैनी, श्रीमती वीना अग्रवाल, श्रीमती रमा मुंजाल, श्रीमती कौशल जैन, श्रीमती सरोज ग्रेवाल तथा श्रीमती आदेश मलिक ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि पार्षद श्री राजेश अरोड़ा को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में उन्होंने वानप्रस्थ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्लब में आना उन्हें सदैव मनभावन लगता है। उन्होंने क्लब की सुविधाओं के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा कहा कि नगर निगम की ओर से भी पूरा सहयोग प्राप्त होता रहेगा।
कार्यक्रम का अप्रतिम मंच संचालन के लिए डॉ दवीना अमर ठकराल व सफल बनाने में विशेष सहयोग देने के लिए डॉ. नीलम परुथी, डॉ. एम. एस. चौहान, डॉ. राजेंद्र जैन, श्री अशोक खट्टर, श्रीमती कमला सैनी, डॉ सुदर्शन मेहता तथा श्रीमती सुनीता बहल को सम्मानित कर धन्यवाद दिया गया।
अंत में क्लब के प्रधान डॉ. एस. के. अग्रवाल ने मुख्य अतिथि, क्लब के सदस्यों तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के इतिहास और महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम को समापन की ओर ले जाते हुए मंच संचालिका ने कहा
ज्ञान-विवेक की अमर धरोहर, इनसे हमें मिली है,
संस्कारों की पावन गंगा, इनसे ही तो चली है।
आओ इनके चरणों में हम, श्रद्धा-सुमन चढ़ाएँ,
अनुभव की अमूल्य विरासत को, पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुँचाएँ॥
आइए, हम संकल्प लें कि अपने वरिष्ठजनों को केवल विशेष दिवस पर ही नहीं, बल्कि प्रतिदिन अपने स्नेह, सम्मान, समय और संवेदनाओं से समृद्ध करेंगे।
कार्यक्रम के पश्चात सभी सदस्यों ने मिलकर जलपान का आनंद लिया और आपसी आत्मीयता एवं उल्लास के साथ इस विशेष दिवस का समापन किया।
