
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चंडीगढ़, 30 सितंबर 2026:
गौसेवा एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर मोहन राणा द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ में दायर CRM-M-55801-2026 याचिका पर माननीय न्यायालय ने आज महत्वपूर्ण आदेश पारित किया।
माननीय जस्टिस रमेश चंदर डिमरी की अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री यश गोयल उपस्थित रहे।
सुनवाई के दौरान यू.टी. चंडीगढ़ की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने अदालत में स्पष्ट रूप से कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत Annexure P-6 Representation का कानून के अनुसार आज से 30 दिनों के भीतर निपटारा किया जाएगा।
अदालत के आदेश में यह भी दर्ज है कि संबंधित प्रतिवादी पक्ष इस मामले में अलग से जवाब दाखिल नहीं करना चाहता, क्योंकि आज अदालत के समक्ष लिए गए सीमित रुख के अनुसार Representation पर निर्धारित समय में निर्णय लिया जाना है।
इसके बाद माननीय न्यायालय ने दर्ज किया कि “nothing survives in the present petition”, अर्थात Representation पर 30 दिनों के भीतर कार्रवाई किए जाने के आश्वासन के बाद वर्तमान याचिका में आगे कुछ शेष नहीं रह गया।
मोहन राणा ने कहा—
“यह मामला किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उन मुद्दों पर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए उठाया गया है जिनके संबंध में हमने प्रशासन के समक्ष Representation दी थी। अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे 30 दिनों के भीतर कानून के अनुसार उस Representation पर निर्णय लें। हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है।”
मोहन राणा ने कहा कि आगे की कार्रवाई भी पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर की जाएगी और प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय के आधार पर अगला कदम तय किया जाएगा।
