
दक्ष दर्पण
हिसार, 29 जुलाई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जीजेयू इकाई ने आज गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति को छात्रहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान हेतु ज्ञापन सौंपा। परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रावास, प्रवेश प्रक्रिया, मूलभूत सुविधाओं, छात्र सुरक्षा एवं शोधार्थियों से जुड़े लंबित मामलों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन में परिषद ने सभी पात्र विद्यार्थियों को छात्रावास उपलब्ध कराने, बी.एससी., एमबीए., भूगोल एवं फूड टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के बंद हो चुके प्रवेश पोर्टलों को पुनः खोलने तथा विश्वविद्यालय परिसर की सभी कैंटीनों एवं टी-स्टॉल पर निर्धारित मूल्य सूची का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग उठाई। इसके साथ ही शॉपिंग कॉम्प्लेक्स स्थित कैंटीन की दरों का पुनरीक्षण कर विद्यार्थियों को उचित एवं किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई।
अभाविप ने छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को गंभीर विषय बताते हुए सभी बॉयज़ हॉस्टलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप नई एवं पर्याप्त वॉशिंग मशीनें स्थापित करने तथा गर्ल्स हॉस्टलों में लंबे समय से खराब पड़ी वॉशिंग मशीनों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की। परिषद ने यह भी कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, इसलिए गर्ल्स हॉस्टल परिसर में लगातार बढ़ रहे साँपों के खतरे को देखते हुए नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई, सर्प नियंत्रण एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएँ।
परिषद ने शीतकालीन सत्र 2024–25 के पीएच.डी. शोधार्थियों के लिए URF आवेदन-पत्र पुनः आमंत्रित करने की मांग भी उठाई। परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आवेदन संबंधी सूचना समय पर अपलोड न होने के कारण अनेक पात्र शोधार्थी आवेदन से वंचित रह गए, जिन्हें पुनः अवसर दिया जाना चाहिए।
अभाविप जीजेयू इकाई अध्यक्ष एवं अभाविप हरियाणा प्रांत सोशल मीडिया संयोजक कमलदीप अत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन एक सप्ताह के भीतर छात्रहित की सभी मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करे। विद्यार्थियों की समस्याओं को लगातार अनदेखा करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन यदि निर्धारित समयावधि में इन मांगों का समाधान नहीं करता है, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रहित की रक्षा के लिए चरणबद्ध एवं व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि अभाविप का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा एवं विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।
