
धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ़:भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा प्रदेश इकाई के निवृतमान अध्यक्ष मोहनलाल बडोली को हरियाणा ब्यूरो ऑफ़ पब्लिक एंटरप्राइजेज का अध्यक्ष बनाकर कई संदेश दे दिए हैं। जिस तरह से कथित तौर पर श्री बडोली को पार्टी के ही कुछ नेताओं ने योजना बनाकर अध्यक्ष पद से हटवाया था उसे देखती हुई यह संभावना जताई जा रही थी कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा संगठन में ओमप्रकाश धनखड़ की तरह ही एडजस्ट किया जा सकता है। यद्यपि यह भी बडोली के लिए एक अवसर हो सकता था परंतु उन्हें चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर यह संदेश दिया गया है कि वह भाग्य के धनी भी है, पार्टी में उनका दखल है और वह लोबिन्ग करना भी जानते हैं। इस समायोजन के बाद कुछ लोगों ने यह कहना भी शुरू कर दिया है कि यह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का ही प्रयास है कि पार्टी में एक बड़े पावर सेंटर के नए चाहते हुए भी उन्हें चेयरमेनों का चेयरमैन बना दिया गया है। इससे श्री मोहनलाल बडोली को हरियाणा की जनता विशेष कर सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं से सीधे जुड़े रहने का मौका मिल गया है ।अब इस बात की संभावनाएं भी नजर आ रही है कि पार्टी एक बार फिर मोहनलाल बडोली को सोनीपत से ही लोकसभा का चुनाव लड़ाने की योजना पर काम कर रही है।
बडोली को सोनीपत से चुनाव लड़ाने से भाजपा को कई लाभ नजर आ रहे होंगे ।एक यह कि उसे हरियाणा की अपनी सबसे मजबूत सीट पर फिर से झंडा गाड़ने का अवसर मिलेगा । दूसरा जाट लैंड में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस को फिर से एक झटका देने का मौका मिलेगा। मोहनलाल बडोली को हरियाणा में कथित तौर पर सब से फिसड्डी साबित हो रहे कांग्रेस के सांसद और अपने लोकसभा चुनाव के प्रतिद्वंद्वी सतपाल ब्रह्मचारी को पटकनी देने का अवसर मिलेगा। बडौली भी जानते हैं कि उनके पिछले चुनाव में एक तरह से उनकी कब्र खोदने में कामयाब हुए लोग अब न तीन में रहे हैं ना तेरह में। हालांकि मोहनलाल बडोली के पास राई विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का भी विकल्प है परंतु आप समझ सकते हैं कि क्रमानुसार पहले लोकसभा के चुनाव होंगे और श्री बडोली को लोकसभा का चुनाव लड़ने को कहा जा सकता है।
मोहनलाल बडोली भाग्य के धनी हैं । उन्हें भाजपा ने 6 साल में 7 बड़े मौके देकर आगे बढ़ाया है। जैसे कि उन्हें 2019 में राई विधानसभा क्षेत्र से टिकट देकर विधायक बनाया ।उसके बाद उन्हें जिला सोनीपत का अध्यक्ष बनाया फिर महामंत्री बनाया फिर लगातार दूसरी बार महामंत्री बनाया फिर उन्हें लोकसभा की टिकट दी फिर उन्हें हरियाणा भाजपा का अध्यक्ष बनाया और अब चेयरमैन बनाकर एक नया अनुभव बटोरने का मौका दे दिया है। इस समायोजन से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को यह लाभ मिला है कि अब उन्हें डम्मी मुख्यमंत्री बताने वाले लोगों को जरा सोच समझ कर बात करनी पड़ेगी क्योंकि पहले लोग यह कह सकते थे कि नायब सिंह सैनी जब अपने दोस्त मोहनलाल बडोली को ही एडजस्ट नहीं कर पा रहे तो उन्हें डम्मी चीफ मिनिस्टर ही कहा जाएगा।
मोहनलाल बडोली इसलिए भी भाग्यशाली हैं कि उनके विरोधियों ने उनके दामन पर जो दाग लगाने की कोशिश की वह उससे भी साफ बचकर निकल आए हैं ।अब वह षड्यंत्र कारियों और विरोधियों की आंख में आंख मिलाकर बात करने की स्थिति में आ गए हैं। चेयरमैन और के रूप में बडोली न केवल सरकार के सिस्टम से जुड़े रहेंगे बल्कि लोगों के काम करके अपनी राजनीतिक हैसियत बढ़ाने में भी कामयाब होंगे। इस पद पर बैठकर भी वह भाजपा में संगठन को मजबूत करने के मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं। बडोली की तीन बड़ी खासियत भी उनके काम आ रही है एक वह ब्राह्मण है ,दूसरे वह आरएसएस के दीक्षित नेता हैं तीसरी उन्होंने अपना
राजनीतिक जीवन पंचायती राज व्यवस्था से चुनाव लड़कर और जीत कर शुरू किया था ।श्री बडोली सोनीपत जिला परिषद के सदस्य रहे हैं।

