
दक्ष दर्पण
पंचकूला।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परिषद ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 30 मार्च को राज्य के 14,019 सरकारी स्कूलों को खेल उपकरण खरीदने के बारह करोड तिरासी लाख रूपए का बजट दिया। साथ ही 31 मार्च तक यानि मात्र एक दिन में ही खर्च करने के भी आदेश दिए। यह आरोप लगाते हुए इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष पंचकूला शहरी एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में 8,654 प्राथमिक पाठशालाएं, 2,220 अपर प्राथमिक पाठशालाएं, 927 सैकेंडरी स्कूल, 2,218 सीनियर सैकेंडरी स्कूल हैं। इन स्कूलों को एक ही दिन में लगभग तेरह करोड़ रूपए के खेल उपकरण खरीदने का समय देना अपने आप में एक षड्यंत्र है। यह पैसा केवल कर्मचारियों की जेबों में जाएगा और खुर्द बुर्द हो जाएगा।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि यदि यही पैसा साल के प्रारम्भ में दिया गया होता तो उच्च गुणवत्ता के खेल उपकरण खरीदे जा सकते थे। अब या तो बजट लेप्स हुआ होगा या बिना कुछ खरीदे फर्जी बिल बने होंगे। आज नए वित्त वर्ष का दूसरा दिन है यदि आज ही इन स्कूलों से रिपोर्ट मंगवा ली जाए तो असलियत सामने आ जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस वित्त वर्ष के आखिरी दिन प्राथमिक पाठ शाला को पांच हजार, अपर प्राइमरी पाठशाला को दस हजार, सेकेंडरी स्कूल तथा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को बीस हजार रूपए खेल उपकरण खरीदने के लिए आबंटित किए गए थे। मनोज अग्रवाल ने कहा कि सरकार केवल कागजों में ही खेलों को बढावा दे रही है, हकीकत इससे कोसों दूर है ।
