दक्ष दर्पण समाचार सेवा
पिंजौर।
यादवेंद्र गार्डन और एचएमटी के लिए दुनिया भर में मशहूर पिंजौर कस्बा लंबे समय से सरकारी उपेक्षाओं का शिकार रहा है। लोग छोटी-छोटी मूलभूत सुविधाओं को भी तरस रहे हैं। यहां करोड़ों खर्च करके पानी की आपूर्ति के लिए कौशल्या डैम बना दिया गया है परंतु लोग अब भी पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं। यहां भीड़भाड़, दुर्गम और दुष्कर परिवहन एक स्थाई समस्या बनी हुई है।
जीरकपुर शिमला हाईवे पिंजौर के पास बाईपास में बदलने के बाद भी यहां भीड़ भाड़ कम नहीं हुई है । हालत यह है कि कई बार 1 किलोमीटर रास्ता तय करने में भी आधा घंटा लग जाता है क्योंकि बाजार में जाम के कारण वाहन रेंग रेंग कर चलते देखे जाते हैं।
इस भीड़भाड़ के अलावा कई जगह संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही भी यह साबित करती है कि यहां व्यवस्थाएं भगवान भरोसे ही हैं। जिम्मेदारी से किसी को कुछ लेना देना नहीं है।
आप पिंजौर में मुख्य मार्ग से बीटना रोड के उस पॉइंट को जाकर देखिए ,जहां मोड़ के ठीक ऊपर सड़क निर्माण का आधा अधूरा काम और उसकी लीपापोती एक स्थाई दिक्कत बन गई है। यहां मुख्य सड़क पर टाइल लगाने के समय बीटना रोड की योजक सड़क के साथ इन्हें रोकने के लिए सीमेंट की ठोकर या ढाल बनाने की जहमत ही नहीं उठाई गई। इसका परिणाम यह हुआ कि धीरे-धीरे सारी टाइलें अपनी जगह से खिसकती चली गई । सड़क की यह कुछ टाइलें इधर-उधर ठोकर खा रही हैं कुछ को शायद लोग उठा ले गए। अब अब बची खुची टाइल उन वाहनों के लिए ठोकर बनने लगी गई है जो विपरीत दिशा से आते हैं और मुख्य मार्ग पर चढ़ते हैं । यह ठोकर दोपहिया वाहनों के लिए तो खतरे की घंटी साबित हो रही हैं क्योंकि जब एक झटके में दुपहिया वाहन का बैलेंस बिगड़ता है तो उसके मुख्य रोड से आने जाने वाले वाहन के साथ टकराने का खतरा बना रहता है
यहां रोज दुर्घटनाएं होती हैं वाहन गिरते रहते हैं ।लोग लंबे समय से इस रिस्क से दो-चार हो रहे हैं ।ऐसा लगता है की संबंधित विभाग को इस व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है विकास और विकास कार्यों की बात करने वाले लोग इतनी छोटी-छोटी चीजों पर भी गौर नहीं करते तो लोग सत्ता में बैठी पूरी भारतीय जनता पार्टी को कोसने लगते हैं। इस बारे में जिला प्रशासन या नगर परिषद को तुरंत आवश्यक कदम उठाने चाहिए। यहां यह बताना भी जरूरी है कि शहर की भीड़भाड़ से बचने के लिए वाहन चालक बीटना रोड को बाईपास के रूप में इस्तेमाल करते हैं और यहां पूरे बाजार में तरह-तरह की अव्यवस्था देखने को मिलती है।
