धनेश विद्यार्थी,
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
बावल/रेवाड़ी।
दिल्ली जयपुर हाईवे के बावल से रेवाड़ी जाने वाले रास्ते बनीपुर चौक पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा गत 3 वर्षों से बनाए जा रहे जन सुविधा के लिए बनाए जा रहे। ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर हो रही देरी दिल्ली से जयपुर व जयपुर से दिल्ली की ओर जाने वाले प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों का तथा जयपुर में दिल्ली के बड़े अस्पतालों में 50 से अधिक एम्बुलेंस जोकि मरीज को जल्द अस्पताल पहुंचाती हैं। मगर कई बार मरीज बीच राह में दम तोड़ देते हैं।
एन एच ए आई के ढीले रवैये के कारण पिछले 2 वर्षों से बनीपुर चौक पर कछुआ गति से निर्माण होने से परेशान होकर लोगों ने गत 31 अगस्त को भी बावल के बनीपुर चौक स्थित बस अड्डा परिसर में बैठक बुलाई, जिसमें जिला प्रशासन को यह चेतावनी दी गई कि यदि इस पुल के निर्माण में देरी होती है तो 10 सितंबर को बनीपुर चौक पर बड़ी पंचायत की जाएगी लेकिन प्रशासन ने इसको गंभीरता से नहीं लिया।
पूर्व घोषणा के अनुसार 10 सितंबर को बावल क्षेत्र के 15 गांव की पंचायत की अध्यक्षता गांव रुध के पूर्व सरपंच रामनाथ ने की। इस पंचायत का संचालन किसान नेता रामकिशन महलावत ने किया। पंचायत में उपस्थित सैंकड़ों ग्रामीणों के बीच पहुंचे बावल के उपमंडल अधिकारी नागरिक मनोज कुमार को पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री भारत सरकार, सड़क परिवहन मंत्री भारत सरकार, मुख्यमंत्री हरियाणा, सांसद राव इंद्रजीत सिंह, और इस निर्माण कार्य के परियोजना निदेशक नेशनल हाईवे अथॉरिटी के नाम टूटी सड़क को दुरुस्त करने और ब्रिज का जल्द निर्माण कराने की मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा।
इस अवसर पर जन सुरक्षा की दृष्टि से पंचायत में पहुंचे उप पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र श्योराण के साथ भारी पुलिस भी मौजूद रहा। इस मामले को लेकर बुधवार को बनीपुर चौक मार्केट आशिक रूप से बंद रही।
पंचायत प्रतिनिधियों ने बावल के उपमंडल अधिकारी मनोज कुमार को पंचायत के बीच ही बुलवाकर अपना मांग पत्र सौंपकर उनके सामने अपनी पीड़ा बयान की। एसडीएम बावल ने पंचायत प्रतिनिधियों के बीच नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से हो रही बातचीत और इस ओवरब्रिज के निर्माण में तेजी लाने की बात रखी।
उधर पंचायत प्रतिनिधियों ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि आगामी 15 दोनों यानी की 25 सितंबर तक संबंधित निर्माण अथॉरिटी हाईवे के दोनों तरफ टूटे सर्विस रोड़ को ठीक नहीं कराया तो आगामी 25 सितंबर को पंचायत वाले स्थान पर दोबारा महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इसका परिणाम भुगतने के लिए प्रशासन तैयार रहे।
इस संदर्भ में बावल प्रशासन व जिला प्रशासन को सोचना होगा की मेंढक चाल में हो रही ढलाई को बिना देरी किए पुल का निर्माण किया जाए।
अब देखना यह है कि आगामी 15 दिनों में प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेता है।
इस पंचायत में पूर्ण थानेदार, महेंद्र सिंह बनीपुर, पूर्व सरपंच सुमेर सिंह, महेंद्र ककरावत, बने सिंह खेड़ा मुरार समेत सैंकड़ों ग्रामीण आदि मौजूद रहे।

: ज्ञापन सौंपते पंचायत प्रतिनिधि ।
