
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
लुधियाना, : आई कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन ने जून 2025 के परीक्षा परिणामों की घोषणा की है, जिसने वैश्विक शिक्षा की बढ़ती मांग को स्पष्ट किया है। इस बार, पिछले वर्ष की तुलना में 9% की वृद्धि के साथ, 6,80,000 से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी। भारत में इस परीक्षा के परिणाम 4,680 छात्रों को जारी किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7% अधिक हैं। आज बढ़ते तकनीकी परिवर्तन, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और भू-राजनीतिक स्थितियों के कारण, भारतीय छात्र और परिवार अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इस वर्ष की परीक्षा श्रृंखला में वैश्विक स्तर पर लगभग 17 लाख प्रविष्टियाँ हुई, जो पिछले वर्ष से 7% अधिक हैं। कैम्ब्रिज आईजीसीएसई और ओ लेवल के परिणाम देश भर के 252 स्कूलों में जारी किए गए हैं, जिसके अंतर्गत अंग्रेजी, भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीव विज्ञान जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं। कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एएस और ए लेवल के नतीजे भी जारी हुए, जिसमें 5,300 छात्रों ने भाग लिया है। इन शिक्षकों के लिए प्रमुख विश्वविद्यालयों के दरवाजे खुलेंगे। कैम्ब्रिज के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर रॉड स्मिथ ने कहा, “आज के अनिश्चित समय में, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा एक आवश्यकता बन गई है।” वहीं, साउथ एशिया में इंटरनेशनल एजुकेशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विनय शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय माता-पिता अब ऐसे पाठ्यक्रम की ओर बढ़ रहे हैं जो छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बना सके। इस वर्ष, ग्लोबल पर्सपेक्टिव्स जैसे नए विषयों में भी प्रविष्टियों में 17% का इजाफा हुआ है। ये विषय छात्रों को वैश्विक चुनौतियों की समझ विकसित करने और स्वतंत्र शोध करने में मदद करते हैं। पिछले पांच वर्षों में जून परीक्षा देने वाले स्कूलों की संख्या 38% बढ़ी है, जबकि परीक्षा की प्रविष्टियाँ 74% बढ़ी हैं। कैम्ब्रिज अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन के क्षेत्र में 160 से अधिक वर्षों का अनुभव रखता है और हर साल लगभग 20 लाख छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। कैम्ब्रिज का मानक आईजीसीएसई, ओ लेवल, इंटरनेशनल एएस और ए लेवल जैसे कार्यक्रम विश्वभर में छात्रों को शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
