
शशि गुप्ता
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
अलीगढ़ ।
अवस्थी ज्योतिष संस्थान की ओर से कालसर्प योग एवं पितृदोष निवारण तीन दिवसीय अनुष्ठान में सोमवार को प्रातः 10 बजे अवस्थी ज्योतिष संस्थान के आचार्य आदित्य नारायण अवस्थी ने श्री सीताराम मंदिर दुबे के पड़ाव में सभी देवी-देवताओं का पूजन एव पंचांग पीठ एवं नवग्रह पीठ सर्वतोभद्र मंडल चौषठयोगिनी क्षेत्रपाल एवं सभी पीठों का पूजन एवं पार्थिव शिवलिंगो का पूजन व कालसर्प योग यंत्र नाग नागिन के जोड़ों का पूजन करवाया इसके बाद अवस्थी ज्योतिष संस्थान के आचार्यों ने गायत्री महामृत्युंजय राहु केतु शनि मंगल नाग गायत्री का जप किया और देवाधिदेव महादेव का 11 किलो गाय के दूध से महा रुद्राभिषेक करवाया इसके बाद रूद्र महायज्ञ हुआ और भव्य महाआरती हुई एवं प्रसाद वितरण हुआ अंतर्राष्ट्रीय राम कथा प्रवक्ता सुनील कौशल जी महाराज ने भगवान शिव की पूजा की महिमा का वर्णन किया और भक्तों को बताया कि रुद्राभिषेक का क्या फल होता है और किस प्रकार से भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और अनुष्ठान को ऐतिहासिक बताया कहा कि इस प्रकार के अनुष्ठान आचार्य जी के सानिध्य में बहुत विधि विधान से होते हैं और मूंछों वाले हनुमान जी मंदिर के महंत अजय शुक्ला जी ने बताया कि रुद्राभिषेक कराने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है अगर हम इस प्रकार के अनुष्ठान को विधि विधान से करवा लेते हैं तो हमारी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
मुख्य यजमान गुरु शरण वार्ष्णेय नूतन वार्ष्णेय अनिल दीक्षित विपिन त्रिपाठी उमाकांत शास्त्री सोहित अवस्थी मणि मधुकर मूशल कवि राकेश भारद्धाज हरिकेश भारद्धाज विक्रांत उपाध्याय मनीष भारद्धाज मंजू अवस्थी महक गुप्ता एडवोकेट कामिनी राजपूत वैष्णवी अवस्थी कनिका अवस्थी सारांश अवस्थी एवं अन्य भक्तगण उपास्थित रहे
