
गौरव राजपुरोहित
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
मुम्बई।
महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर में जो हो रहा है वह किसी फिल्म की तरह है। नागपुर में एक गैंगस्टर की पत्नी की अचानक मौत हो गई। इस मौत से नागपुर अंडरवर्ल्ड में हलचल मच गई। मामला काफी संवेदनशील है क्योंकि बताया जा रहा है कि महिला के एक और गैंगस्टर के साथ नाजायज संबंध थे। इससे सेंट्रल नागपुर के कुख्यात इप्पा गैंग में दरार आ गई। सूत्रों के अनुसार, कम से कम 40 हथियारबंद गुंडे पूरे शहर और उपनगरीय कामठी में फैल गए हैं। वे अरशद टोपी को मारना चाहते हैं। अरशद टोपी ने माफिया डॉन की पत्नी को अपनी रखैल बनाने के लिए बाकी गैंग से नाता तोड़ लिया था। गैंगस्टर को शक था कि अरशद ने उसकी पत्नी की हत्या की है। इसलिए वह पुलिस के हस्तक्षेप करने से पहले अपने दोस्त से दुश्मन बने अरशद को मारना चाहता था मौत के डर से अरशद टोपी ने पार्डी में स्थित डीसीपी कार्यालय में शरण ली। पुलिस ने बताया कि माफिया किंग ने अपने पूर्व सहयोगी से बदला लेने के लिए शहर के अन्य गैंगों से संपर्क किया और मदद मांगी। एक अंडरवर्ल्ड मुखबिर ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद शहर के सभी पुलिस स्टेशनों को हाईअलर्ट पर रखा गया है, यह सारा बवाल गुरुवार को शुरू हुआ। अरशद टोपी 29 साल की अपनी रखैल से चुपके से मिल रहा था। उसे ऐसा करने से मना किया गया था। जब वे कोराडी माता मंदिर के पीछे सुरदेवी मंदिर के पास दोपहिया वाहन पर जा रहे थे, तो एक जेसीबी मशीन ने उन्हें टक्कर मार दी। यह घटना एक सुनसान इलाके में हुई। महिला पीछे बैठी थी और गंभीर रूप से घायल हो गई। अरशद को मामूली चोटें आईं। निजी अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में अरशद घायल महिला के साथ दिख रहा है। इसके बाद इप्पा गैंग के सदस्यों ने अरशद को धोखा देने के लिए मारने की कसम खाई। इससे नागपुर शहर का अंडरवर्ल्ड अस्त-व्यस्त हो गया। अरशद ने पार्डी में ज़ोनल डीसीपी निकेतन कदम के कार्यालय में शरण मांगी। उसने सुरक्षा की गुहार लगाई। डीसीपी कदम को इप्पा गैंग के बारे में पता था। इसलिए उन्होंने अरशद को कोराडी पुलिस स्टेशन भेज दिया। वहां उसका बयान दर्ज किया गया। डीसीपी कदम ने कहा कि अरशद ने सुरक्षा मांगी, लेकिन औपचारिक मामला दर्ज करने को तैयार नहीं था। डीसीपी कदम ने हिंसा को रोकने के लिए डीसीपी राहुल मदाने के साथ समन्वय किया। डीसीपी मदाने का क्षेत्र इप्पा गैंग के इलाके को कवर करता है। उन्होंने गुंडों को जवाबी कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी। डीसीपी कदम ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना असली लग रही थी। इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं था। यह संदेश गैंग को तनाव कम करने के लिए दिया गया था। अरशद शुक्रवार देर रात तक कोराडी पुलिस स्टेशन में रहा। बाद में वह यह सोचकर चला गया कि खतरा कम हो गया है। हालांकि, नागपुर क्राइम ब्रांच, और कोराडी पुलिस हाई अलर्ट पर हैं। वे अरशद की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़कों पर खूनखराबा रोकने के लिए काम कर रहे हैं। पुलिस हर संभव कोशिश कर रही है कि शहर में शांति बनी रहे और कोई अप्रिय घटना न हो। वे अपराधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
