
धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ़।
हरियाणा कैडर के सेवा निवृत्त आईएएस अफसर राजेश खुल्लर बेशक अभी हरियाणा के मुख्य मंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के रूप में काम कर रहे हैं लेकिन अब भी उनके दिल्ली के लोग बनने की संभावना समाप्त नहीं हुई है बेशक इस पद के तीन उम्मीदवार हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद की बात करें तो राजेश कलर का नाम टॉप पर है प्रधानमंत्री को हो या सरकार दिल्ली को पेरिस की तरह दुनिया का एक नंबर का शहर बनाने की योजना बन चुकी है इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दायरे को बढ़ाना भी जरूरी मान लिया गया है पहले जहां पूरा सोनीपत जिला भी एनसीआर में नहीं आता था अब रेवाड़ी तक को इस डे में ले लिया गया है और योजना की बात करें तो भविष्य में हरियाणा में हिसार और अंबाला तक एनसीआर का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। इन दोनों कामों को तरतीब से पूरा करने के लिए जहां सरकार राजेश कलर को उपयुक्त व्यक्ति के रूप में देख रही है वहीं सारी जिम्मेदारियां से मुक्त हो चुके राजेश खुल्लर भी इस मौके पर सेवाएं देने के लिए तैयार भी हैं और उत्सुक भी। यदि श्री खुल्लर को दिल्ली के एलजी के रूप में काम करने का अवसर मिला तो इससे
न केवल दिल्ली को लाभ होगा, भाजपा को लाभ होगा, भारत सरकार और देश को लाभ होगा वहीं हरियाणा प्रदेश को अलग से कई लाभ हो सकते हैं।
हम उन लोगों से सहमत नहीं है जो यह सोचते हैं कि राजेश खुल्लर हरियाणा में अपनी मौजूदा भूमिका में ही रहना चाहते हैं। इसमें दो राय नहीं कुछ लोग व्यक्तिगत कारणों से राजेश खुल्लर की विदाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उसके लिए लोबिंग भी कर रहे हैं परंतु सच्चाई यह है कि नया रोल जहां राजेश खुल्लर
के लिए एक अवसर है वहीं भाजपा और उसकी सरकार के लिए समय की मांग भी है। दिल्ली के एलजी के रूप में उनके नाम की घोषणा लगभग हो चुकी थी। मीडिया ने इसे हैडलाइन तक बना दिया था परंतु एकदम इस प्रस्ताव पर ब्रेक लग गए । मान कर चलिए कि अभी भी यह योजना खटाई में नहीं पड़ी है किसी कारण से इसे रोक लिया गया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उपयुक्त उम्मीदवार समझ जा रहे हैं मनोज सिन्हा।
माना जा रहा था कि जम्मू कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के उपयुक्त और प्रबल उम्मीदवार हैं। यह भी सही है कि श्री सिन्हा किसी कारण से भी इस पद को छोड़ते हैं तो उनका विकल्प दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ही माने जा रहे हैं और सक्सेना की जगह राजेश खुल्लर ही ले सकते हैं। यह अलग बात है कि दिल्ली के एलजी के पद के उम्मीदवार दो लोग और भी हैं। एक हैं अजय भल्ला और दूसरे हैं सीवी आनंद बोस।
अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और लगता है भारतीय जनता पार्टी के नेता एलजी बदलने से पहले अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएंगे ।

वी के सक्सेना दिल्ली के बाद जम्मू कश्मीर की जिम्मेदारी की चर्चा।
यह माना जा रहा है कि यदि मनोज सिन्हा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तो यह भी लगभग निश्चित है कि राजेश खुल्लर दिल्ली के एल जी होंगे। श्री खुल्लर शायद खुद इस भूमिका में इसलिए आना चाहते हैं कि वह इस मौके को इंजॉय भी करना चाहते होंगे और अपनी परफॉर्मेंस भी साबित करके दिखाने की कोशिश में होंगे ।श्री खुल्लर ने आज तक खुद को हर भूमिका में शानदार परफॉर्मर के रूप में प्रस्तुत किया है।

आज हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने का एक आधार राजेश खुल्लर ,उनका प्रशासनिक और राजनीतिक विजन भी है ।श्री खुल्लर की परख और स्मृति गजब की है। नई और महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके गुणों को जहां पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने परखा अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की भी पसंद हो गए हैं। राजेश खुल्लर कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं ,पांच मुख्यमंत्रियों के साथ काम कर चुके हैं। श्री खुल्लर के बच्चे अमेरिका में सैटल है। उनकी पत्नी हरियाणा लोक सेवा आयोगकी सदस्य के संवैधानिक पद पर काम कर रही हैं। इसलिए श्री खुल्लर अपनी आगामी पारी और भी जोरदार तरीके से खेलने को आतुर हो सकते हैं। यह भी संभव है कि श्री खुल्लर दिल्ली गए तो अपना उत्तराधिकारी या विकल्प भी खुद ही तय करके जाना पड़े।

दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद के लिए इन तीनोंकी इसी क्रम में चर्चा हुई है।
