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@दक्ष दर्पण
नई दिल्ली;कानून में सजा का प्रावधान इसलिए होता है कि लोग कानून से डरे, कानून की व्यवस्थाओं से डरे। लेकिन कोई व्यक्ति जुर्म की खुंदक में पहले से भी ज्यादा बड़ा अपराध करने लगे तो उसे सबक सिखाना और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। ऐसा करने वाले लोग कानून को चुनौती देने की कोशिश करते हैं इस तरह के मामले कई बार सामने आते रहते हैं ।
मामला मध्य प्रदेश का है। छेड़छाड़ के आरोप मे जमानत पर छूटे एक आरोपी ने पीड़िता और उसके परिजनो पर एफआईआर वापस लेने का दबाव बनाया। मना करने पर बौखलाए इस व्यक्ति द्वारा खुंदक में पीड़ित बालिका के साथ दुष्कर्म कर डाला।
आरोपी राजकमल चौधरी (44) को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ने आठ माह पूर्व एक बालिका के साथ छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया था। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेजा गया था। कुछ समय पूर्व वह जमानत पर बाहर आया।
बाहर आते ही शायद आरोपी के दिमाग में अपराध के कीड़े फिर कुलबुलाए और वह
पीड़ित बालिका और उसके परिजनो पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने की कोशिश करने लगा। बालिका के परिजनों ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद आरोपी पांच दिसंबर की शाम को मौका पाकर बालिका के घर में गया। उस समय वह अकेली थी।
उसने पहले तो बालिका को शिकायत वापसी के लिए बहलाया-फुसलाया परंतु जब उसने मना कर दिया और घर से बाहर नहीं जाने पर शोर मचाने की चेतावनी दी तो वह आग बबूला हो गया और कथित तौर पर बालिका के साथ दुष्कर्म किया।
आरोपी ने किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी। गुमसुम रहने लगी बालिका से जब परिजनों ने हालात जानने की कोशिश की तो पता चला कि यह कदम उसी आरोपी ने उठाया है। इसके बाद पुलिस को शिकायत की। आरोपी को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
