
धर्मपाल वर्मा
@दक्ष दर्पण चण्डीगढ़।गोहाना के विधायक और हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा का गोहाना आकर विधानसभा का चुनाव लड़ना हरियाणा की राजनीति में निर्णायक साबित हो सकता है ।इसके पीछे का आधार यह है कि डॉक्टर अरविंद शर्मा के ऐसे नेता हैं जो 24 x 7 राजनीति करते हैं । उन्होंने अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थितियों में खुद को कई बार साबित करके दिखाया है। वह दो बातों को अच्छी तरह से जानते और समझते हैं कि लोकतंत्र में लोगों के बीच में रहना कितना जरूरी है और कार्यकर्ताओं की भावनाओं की कद्र कैसे की जाती है। मौके के अनुरूप फैसला लेना कोई डॉक्टर अरविंद शर्मा से सीखे। पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के बाद डॉक्टर शर्मा हरियाणा के दूसरे नेता हैं जो एक दो नहीं तीन अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों से सांसद रहे। हरियाणा के अकेले ऐसे नेता है जो निर्दलीय सांसद बने और इससे पहले उन्होंने जो अपनी पॉलिटिकल एक्सरसाइज शुरू की उसमें भी कामयाबी हासिल की। वह सोनीपत में अपना जिला परिषद अध्यक्ष बनाने में सफल रहे थे। हरियाणा में चौधरी भजनलाल अकेले ऐसे नेता होते थे जिन्होंने हिसार करनाल और फरीदाबाद से लोकसभा के चुनाव लड़े और जीते। लेकिन 1996 में डॉक्टर अरविंद शर्मा सोनीपत जो उनके गृह जिला नहीं है से निर्दलीय सांसद बने उसके बाद करनाल से सांसद रहे वह भी लगातार दो बार उसके बाद रोहतक से सांसद रहे और दीपेंद्र हुड्डा को हराने का काम किया।
रोहतक में लोकसभा का चुनाव लड़ने और हारने के बाद यह तो तय हो गया था कि पार्टी उन्हें विधानसभा का चुनाव लड़ाएगी लेकिन किस विधानसभा क्षेत्र से मौका मिलेगा यह निश्चित नहीं था। कई जगह उनके नाम की चर्चा रही लेकिन अंत में उन्हें गोहाना से टिकट दे दी गई। देखा जाए तो उनका चुनाव लड़ना सोनीपत जिले और गोहाना विधानसभा क्षेत्र की राजनीति का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। गोहाना से डॉक्टर अरविंद शर्मा की जीत भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी टिकट थी। अरविंद शर्मा की कार्यशैली और उनके स्वभाव तथा योग्यता को देखते हुए जानकर यह मानने लगे हैं कि अब डॉक्टर अरविंद शर्मा गोहाना में लंबी पारी खेलेंगे और इसमें कोई दो राय नहीं है कि श्री शर्मा लंबी रेस के ऐसे घोड़े हैं जिसकी चाल और स्वभाव तथा योग्यता को उनके विरोधी भी पहचानते हैं। वह राजनीतिक व्यक्ति महत्वाकांक्षी ना हो यह कैसे हो सकता है।श्री शर्मा का लक्ष्य क्या है यह उन्हें जानने वाला हर शख्स जानता है। डॉ अरविंद शर्मा जनता का साइकोलॉजिकल ट्रीटमेंट करना भी जानते हैं। वह न केवल अपने शुभचिंतकों को पहचानते हैं बल्कि एक शानदार पारखी भी है। कहते हैं कि वह व्यक्ति सफल माना जाता है जिसके पास पुराने नौकर और पुराने दोस्त बने रहते हैं और राजनीति में जिसके पास पुराने वर्कर होते हैं निश्चित तौर पर सफलता उनके कदम चूमती है। डॉ अरविंद शर्मा ने करनाल, सोनीपत ,रोहतक, का प्रतिनिधित्व तो किया ही है वह यमुनानगर और जुलाना से विधानसभा के चुनाव भी लड़ चुके हैं कहने को आधे हरियाणा में उनका हस्तक्षेप है और मंत्री बनने के बाद अब उनकी परफॉर्मेंस साफ तौर पर नजर आने लगी है। भारतीय जनता पार्टी में दो बड़े और निर्णायक नेता पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का उनके प्रति विशेष लगाव है। यही कारण है कि डॉक्टर अरविंद शर्मा ने अलग-अलग समय पर अलग-अलग विरोधियों के दांत खट्टे करके भी दिखाए हैं।
डॉ अरविंद शर्मा के पास इस समय सहकारिता पर्यटन और जेल जैसे विभागों की बागडोर है उनके विभागों में हैफेड, कान्फेड, डेयरी डेवलपमेंट, शुगर फैड, , हाउस फैड, जैसे कई निगम और बोर्ड हैं मतलब उनके नीचे 5, 6 चेयरमैन भी बनते हैं। डॉक्टर शर्मा सभी विभागों में अच्छी परफॉर्मेंस दिखाने की स्थिति में है ।उन्होंने मंत्री बनते ही पहली नजर में ही सारे विभागों की अंदरूनी जानकारी हासिल कर ली थी। डॉक्टर अरविंद शर्मा भारतीय जनता पार्टी के लिए कई मामलों में उपयोगी सिद्ध होने वाले हैं। उन्हें एक तरह से सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में भी देखा जा रहा है।
