
दक्ष दर्पण
हिसार, 13 अक्टूबर : अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की हरियाणा राज्य कमेटी ने 10-11 अक्टूबर को दिल्ली में छात्राओं और महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट, दुर्व्यवहार और जबरन हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की है। प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए जनवादी महिला समिति की हिसार प्रधान बिधा व सचिव बबली लाम्बा ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना सभी का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। इस अधिकार का इस्तेमाल करने वाली युवा महिलाओं पर पुलिस बल का प्रयोग करना और उनकी आवाज दबाने की कोशिश करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे लगाती है, दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन और आरएसएस के गुंडों से भी लड़कियों को पिटवाती है। कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें आरएसएस के विभिन्न संगठनों के लोग प्रदर्शनकारियों विशेषकर लड़कियों को पीट रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। यह स्थिति दर्शाती है कि भाजपा सरकार लोकतंत्र का गला घोटने के लिए साम दाम दंड भेद हर नीति अपना रही है।
उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस में तिरंगा रैली के दौरान स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की युवा महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेते समय पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा थप्पड़ मारने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने की खबरें बेहद गंभीर हैं। कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की भी सूचना है। हिरासत में ली गई महिला कार्यकर्ताओं को जिस पुलिस बस में ले जाया गया, उसकी लाइटें बंद कर दी गईं और बस में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए, जिससे वे न तो किसी से संपर्क कर सकीं और न ही अपने साथ हुए व्यवहार का रिकॉर्ड रख सकीं। ये घटनाएं हिरासत में महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा संगठन चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। ऐसे प्रदर्शनों को बार-बार रोकना, प्रदर्शनकारियों को सामूहिक रूप से हिरासत में लेना और महिला कार्यकर्ताओं के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार करना, लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास है। पुलिस का काम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है, न कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को डराना और प्रताड़ित करना। संगठन की नेताओं ने कहा कि हिरासत में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और कानूनी अधिकारों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। छात्र-युवा संगठनों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान किया जाए।
जनवादी महिला समिति हिसार ने प्रभावित छात्र छात्राओं और युवा महिला कार्यकर्ताओं के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों, लोकतंत्र और संस्थाओं की जवाबदेही के सवाल उठाने की पूरी आजादी होनी चाहिए। केंद्र की मोदी सरकार के अधीन दिल्ली पुलिस की ऐसी कार्रवाई के लिए सरकार और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। संगठन मांग करता है कि छात्र-युवा संगठनों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान किया जाए। महिला प्रदर्शनकारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार और पुलिस बल प्रयोग की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए। मारपीट, धमकी और हिरासत संबंधी नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। हिरासत में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और कानूनी अधिकारों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। जनवादी महिला समिति ने सभी लोकतांत्रिक संगठनों और न्यायप्रिय नागरिकों से अपील की है कि वे महिला प्रदर्शनकारियों पर पुलिस दमन के खिलाफ आवाज उठाएं और महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों।
