
दक्ष दर्पण हिसार :
वानप्रस्थ सीनियर सिटीज़न क्लब के महासचिव डॉ. जे. के. डांग का 83वाँ जन्मदिन क्लब परिसर में बड़े उत्साह, आत्मीयता और गर्मजोशी के साथ मनाया गया। समारोह में क्लब के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए डॉ. डांग को जन्मदिन की हार्दिक शुभ कामनाएँ दीं तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति एवं दीर्घायु की कामना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ क्लब की उभरती हुई गायिका श्रीमती रमा मुंजाल के मधुर भजन “खोलो दया का द्वार प्रभु जी, अब खोलो दया का द्वार। कई जन्मों से भटक रहा हूँ, मत करना इंकार, प्रभु जी अब खोलो दया का द्वार” से हुआ।
इसके बाद डॉ. पुष्पा खरब एवं डॉ. सुनीता श्योकंद के कुशल संचालन में अंताक्षरी और ‘जस्ट ए मिनट’ सहित अनेक मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुराने हिंदी गीतों से क्लब परिसर गूंज उठा और सदस्यों ने पूरे उत्साह एवं उमंग के साथ भाग लिया। श्रीमती राज गर्ग ने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की। वहीं डॉ. पुष्पा खरब ने डॉ. डांग की स्वर्गीय पत्नी श्रीमती संतोष डांग का प्रिय गीत “ये ज़िंदगी उसी की है, जो किसी का हो गया” प्रस्तुत कर समारोह को भावुक एवं यादगार बना दिया।

इस अवसर पर सदस्यों ने गीतों, कविताओं, संस्मरणों और रोचक प्रसंगों के माध्यम से डॉ. डांग के व्यक्तित्व एवं उनके साथ जुड़े अपने अनुभव साझा किए। सदस्यों ने उनके सरल, सौम्य एवं मृदुभाषी स्वभाव, सभी के प्रति सम्मानपूर्ण व्यवहार, कर्मठता, निष्ठा, समर्पण एवं सेवा भावना की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
श्रीमती इन्दु माहेश्वरी ने डॉ. डांग को अपनी स्वरचित कविता “जन्म दिवस के शुभ अवसर पर अभिनन्दन तुम्हारा, भाव भीनी सुमन माला से मधुर वंदन तुम्हारा। सौ बसन्तों की बहारें, आयु का उपवन सजाए, शरद ऋतु के कमल सा, खिलता रहे तन-मन तुम्हारा” के माध्यम से बधाई दी।श्रीमती रमा मुंजाल ने अपनी मधुर आवाज में लोकप्रिय गीत “तुम जो मिल गए हो, तो ये लगता है कि जहाँ मिल गया, एक भटके हुए राही को कारवाँ मिल गया” प्रस्तुत किया।गीत के भावों ने जन्मदिन के अवसर पर सदस्यों के बीच वर्षों से बने प्रेम, अपनत्व और साथ की भावना को और गहरा कर दिया।
क्लब के प्रधान डॉ. एस. के. अग्रवाल ने कहा कि “डॉ. डांग एक कर्मठ और कर्मयोगी व्यक्तित्व हैं तथा युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।” डॉ. अग्रवाल एवं वरिष्ठ सदस्यों ने उन्हें पौधा भेंट कर स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद डॉ. डांग ने क्लब के सदस्यों के साथ मिलकर जन्मदिन का केक काटा।
अपने संबोधन में डॉ. डांग ने वानप्रस्थ की यात्रा के विभिन्न महत्वपूर्ण पड़ावों को याद करते हुए बताया कि वर्ष 2007 में स्वर्गीय श्री सुदामा अग्रवाल और डॉ. सतीश कालड़ा के अथक प्रयासों से सर्वोदय भवन में वानप्रस्थ संस्था का गठन हुआ। प्रारंभिक वर्षों में संस्था के कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाते रहे। वर्ष 2018 में वानप्रस्थ को अपना स्थायी परिसर मिला, जिससे संस्था की गतिविधियों को नई गति मिली।
उन्होंने बताया कि आयु के इस पड़ाव पर आने-जाने की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए डॉ. सतीश कालड़ा के नेतृत्व में अर्बन एस्टेट में भी वानप्रस्थ के कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। संस्था के उपलब्ध संसाधनों एवं सुविधाओं का सदस्यों ने आपसी समन्वय और सहयोग से सुव्यवस्थित ढंग से उपयोग किया।
डिफेंस कॉलोनी में वानप्रस्थ के आने के बाद डॉ. डांग को महासचिव का दायित्व सौंपा गया। उन्होंने सदस्यों के सहयोग से संस्था की गतिविधियों का निरंतर विस्तार किया तथा मनोरंजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया।
डॉ. डांग ने बताया कि आज वानप्रस्थ परिवार में लगभग 150 सदस्य हैं, जबकि लगभग 25 सदस्य मुंशी प्रेमचंद लाइब्रेरी में विभिन्न रचनात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि वानप्रस्थ केवल वरिष्ठ नागरिकों के मनोरंजन और आपसी मेल-मिलाप का मंच नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक सक्रिय संस्था के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। समय-समय पर वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य की जाँच के लिए निःशुल्क मेडिकल कैंप और नेत्र जाँच शिविर लगाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान वानप्रस्थ के सदस्यों ने जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए उल्लेखनीय कार्य किए, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा संस्था को सम्मानित भी किया गया। कोरोना काल में वेबिनार के माध्यम से देश-विदेश के अनेक लोग वानप्रस्थ से जुड़े और विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनकी व्यापक स्तर पर सराहना हुई।
डॉ. डांग ने बताया कि पिछले चार वर्षों से वानप्रस्थ द्वारा टी.बी. रोगियों को लगातार प्रोटीनयुक्त पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी अपने पोर्टल पर वानप्रस्थ द्वारा सीधे टी.बी. रोगियों को प्रोटीनयुक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने की सराहना की है। इसके अतिरिक्त हरियाणा एवं पंजाब में बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए भी संस्था ने योगदान दिया। हाल ही में सिविल अस्पताल में जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों एवं उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए प्रतीक्षा शेड का निर्माण करवाया गया। उन्होंने कहा कि वानप्रस्थ समय-समय पर विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के जरूरतमंद वर्गों तक पहुँचने का प्रयास करता रहा है।
सदस्यों ने कहा कि वानप्रस्थ को सामाजिक सेवा, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण तथा मानवीय सरोकारों के क्षेत्र में आगे ले जाने में डॉ. डांग की सक्रिय भूमिका रही है। उनके शांत एवं सहज स्वभाव, संगठनात्मक क्षमता और सेवा के प्रति समर्पण ने संस्था की गतिविधियों को निरंतर विस्तार देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस अवसर पर क्लब के उपप्रधान डॉ. ए. एल. खुराना ने कहा कि उनका डॉ. डांग से पिछले 64 वर्षों से संबंध है और उन्होंने उनके साथ मिलकर एच.ए.यू. के पेंशनर्स के लिए भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि आदर्श रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में भी डॉ. डांग सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
डॉ. खुराना ने डॉ. डांग के व्यक्तित्व का वर्णन तीन शब्दों में करते हुए कहा— “न अकड़ता है, न थकता है और न झुकता है।” उनके इस कथन पर सदस्यों ने तालियों से अपनी सहमति व्यक्त की। श्रीमती सत्यवती ने डॉ. डांग को अपनी ओर से एक पेन भेंट किया।
समारोह को भावपूर्ण समापन की ओर ले जाते हुए डॉ. आर. पी. एस. खरब ने डॉ. डांग को समर्पित गीत “तेरी प्यारी-प्यारी सूरत को, किसी की नज़र न लगे, चश्म-ए-बद-दूर” प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि डॉ. डांग के जन्मदिन के अवसर पर यह गीत मानो आज के दिन की ही माँग थी। गीत ने पूरे वातावरण को आत्मीयता और शुभकामनाओं से भर दिया।
अंत में डॉ. डांग ने सभी सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जन्मदिन पर मिला यह प्रेम, स्नेह और अपनापन उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। उन्होंने कहा कि वानप्रस्थ की वास्तविक शक्ति उसके सदस्य हैं और सभी के सहयोग एवं सामूहिक प्रयासों से संस्था भविष्य में भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के साथ-साथ समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए सेवा कार्य निरंतर जारी रखेगी।
डा डांग ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डा पुष्पा खरब, डा सुनीता शिओकंद, डा राजेंद्र जैन, डा चौहान और श्री अशोक खट्टर का आभार व्यक्त किया
अंत में सब ने मिलकर जलपान का आनंद लिया ।

