
धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा।
पंचकूला :संगठन के मामले में कांग्रेस का पंचकूला का स्वरूप बदलने जा रहा है । जल्दी ही पंचकूला जिला कांग्रेस कमेटी के शहरी जिला अध्यक्ष के नाम का फैसला हो सकता है। इसके बाद पंचकूला में भी कांग्रेस के दो जिला अध्यक्ष हो जाएंगे। इसके लिए आरंभिक औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। पार्टी के पर्यवेक्षक दावेदारों से मिलकर चले गये है ।अब कभी भी नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो सकता है।
कांग्रेस पार्टी ने लंबे समय के बाद पिछले वर्ष प्रदेश में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की थी परंतु पंचकूला और फरीदाबाद जैसे मेट्रोपोलिटन शहरों में शहरी इकाई नहीं बनाई जा सकी थी।अब इसकी कमी महसूस की गई तो पार्टी ने इस पर काम करने का फैसला लिया।
सब जानते हैं कि पंचकूला में दो महिला नेताओं समेत कुल तीन स्थानीय नेता शहरी जिला अध्यक्ष पद के दावेदार है । इनमें दो महिला हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सुधा भारद्वाज और पूर्व पार्षद भावना गुप्ता शामिल है। अकेले पुरुष दावेदार पंचकूला नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र रावल है। देखा जाए तो तीनों दावेदार अपने अपने फन के माहिर हैं लेकिन इन सब के आका अलग-अलग है। इस मामले में आकाओं को भी शक्ति परीक्षण के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
देखना यह है कि इस समायोजन में किसका हस्तक्षेप ज्यादा रहेगा ।

सुधा भारद्वाज
सीधी और सच्ची बात यह है कि रविंद्र रावल सीएलपी लीडर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थक है। भावना गुप्ता को स्थानीय विधायक चंद्र मोहन का समर्थन प्राप्त है जबकि सुधा भारद्वाज को सांसद कुमारी शैलजा, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह जैसे दिग्गजों का आशीर्वाद मिल सकता है। उनके पति संजीव भारद्वाज हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रेस सचिव हैं। श्रीमती भारद्वाज ने हाल ही में पंचकुला नगर निगम के मेयर पद का चुनाव लड़ा था।

रविंद्र रावल
रविंद्र रावल भी इस पद के प्रबल दावेदार हैं ।उन्हें पंचकूला शहर के निर्णायक मतदाताओं (पंजाबियों )का प्रतिनिधि माना जा रहा है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा उनके लिए कलम तोड़ सकते हैं। चेक एंड बैलेंस को देखते हुए भी रविंद्र के नाम पर भी विचार हो सकता है। परंतु कांग्रेस की एक दिक्कत यह भी है कि पार्टी जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के मामले में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दे पाई है। पार्टी ने अगस्त 2025 में पार्टी हरियाणा में 23 जिलों में 32 जिला अध्यक्षों में से मात्र एक जिले सिरसा में श्रीमती संतोष बेनीवाल महिला जिला अध्यक्ष बनाया था। इसके लिए कांग्रेस की खासी आलोचना हुई थी।
इस कमी को देखते हुए पंचकूला में महिला उम्मीदवार के नाम पर प्राथमिकता पर विचार हो सकता है और इसका लाभ सुधा भारद्वाज और भावना गुप्ता में से किसी एक को मिल सकता है।

भावना गुप्ता
सक्रियता के मामले में सुधा भारद्वाज भावना गुप्ता से बहुत आगे हैं। परंतु भावना गुप्ता के पक्ष में दो तथ्य ऐसे हैं जो उन्हें अंत तक दौड़ में बनाए रखेंगे। एक स्थानीय विधायक का एक तरफा समर्थन और दूसरा उनकी सकारात्मकता। बनियों के शहर पंचकूला में भावना गुप्ता का अग्रवाल होना उनके काम आ सकता है। अब देखना है कि पार्टी इस मामले में अपने किस दृष्टिकोण को अहमियत देगी।
