
धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
नई दिल्ली:
एक बात साफ है कि 2029 के चुनाव से पहले देश में परिसीमन की व्यवस्था कर ली जाएगी ।भारतीय जनता पार्टी एनडीए के अपने कुनबे को तो बढ़ाने में लगी ही हुई है वह कानून की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त सांसदों की गिनती भी पूरी करने में लगी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी की योजना यह है कि अक्टूबर में संसद का विशेष सत्र बुलाकर उसी में डीलिमिटेशन बिल लाया जाए और पास कराया जाए। लोग कहते हैं कि शरद पवार खुद तो एनडीए में जाएंगे ही, डीएमके को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कराएंगे,अंतिम दौर की बातचीत हो चुकी है,इसी के चलते मंत्रिमंडल विस्तार को टाला जा रहा है, 2 मंत्री डीएमके से और एक शरद पवार गुट से होगा!सुप्रिया सुले मंत्री बनेंगी, डीएमके से कनिमोझी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है, एनडीए के पास 355 से सांसदों का समर्थन मिल जाएगा,दो तिहाई सांसदों के लिए 5 सांसद कम रहेंगे, जिसे बीजेपी किसी और पार्टी में तोड़फोड़ करके पूरा कर लेगी,राज्यसभा में भी डीएमके और शरद पवार के आते ही दो तिहाई बहुमत पूरा हो जाएगा! आप जानते हैं कि जोड़तोड़, तोड़फोड़ में भाजपा और उसके नेताओं का कोई सानी नहीं है।
