
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
पंचकुला। चुनाव में चलने वाले नैरेटिव एवं जनभावनाओं को गौर से देखने पर काफी हद तक चुनाव परिणाम का अंदाजा लग जाता है। इन नैरेटिव्स और जनभावनाओं से हम सहमत एवं असहमत हो सकते हैं परन्तु हमें चुनाव परिणामों को अपनी भावनाओं के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि चुनाव में आम तौर पर सत्ता पक्ष अपने अभी हथकंडों का इस्तेमाल करता ही है और करता रहेगा। पंचकूला नगर निगम में कई वार्डों में भारतीय जनता पार्टी कंफर्टेबल स्थिति में देखी जा रही है। इस कड़ी में सेक्टर वार्ड नंबर 18 का जायजा लिया गया तो एक बात सामने आई कि ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित इस वार्ड में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार पूजा रानी को मतदाता एक आदर्श उम्मीदवार के रूप में देख रहे हैं ।वह चुनाव में इसलिए भी कंफर्टेबल है कि उनका चुनाव प्रबंधन उनके पति देव हरविंदर उर्फ बिंदर खुद संभाल रहे हैं और लगता है कि वह इस मामले में अपना काम बड़ी कुशलता पूर्वक कर रहे हैं। यही कारण है कि इस वार्ड के कुछ निष्पक्ष लोग यह दावा करते देखे गए हैं कि वार्ड 18 के लोग वोट तो एक देंगे लेकिन उन्हें काम करने वाले लोग दो मिल जाएंगे। एक उम्मीदवार पूजा दूसरे उनके पति हरविंदर बजाड़ ।
इस वार्ड में 26 27 और 28 सेक्टर राष्ट्रीय राजमार्ग के पार कुछ कॉलोनी इस वार्ड का हिस्सा है।
वार्ड में पड़ताल से एक बात सामने आई की जहां भाजपा ने सोच समझ कर एक उपयुक्त उम्मीदवार को मैदान में उतारा है वही उम्मीदवार के परिवार ने चुनाव को बहुत ही अच्छे तरीके से मैनेज किया है। उन्हें भाजपा के सत्ता में होने का लाभ भी मिल रहा है जुनूनी और दलगत राजनीति से जुड़े लोगों को छोड़ दे तो अधिकांश लोगों के दिमाग में यही फैक्टर काम करता नजर आ रहा है कि काम तो सरकार के साथ रहकर ही हो सकते हैं। वार्ड 18 की उम्मीदवार पूजा रानी को भाजपा की टिकट, भाजपा की मजबूती का भी बहुत लाभ मिल रहा है। लोग पूजा को एक अच्छी प्रतिनिधि के रूप में तो देख ही रहे हैं । वह इंग्लिश में पोस्ट ग्रेजुएट और बी एड पास महिला है। कॉफी मतदाताओं के अनुसार हरविंदर जागरूक मेहनती और विजनरी युवा हैं। पूजा रानी चुनाव प्रचार में जहां अपने लिए वोट मांग रही हैं वहीं भाजपा के मेयर उम्मीदवार के लिए भी वोट की अपील कर रही हैं।
जीत को लेकर उत्साह उम्मीदवार ही नहीं उसके कार्यकर्ताओं के चेहरे पर आसानी से पढ़ा जा सकता है। उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार में जुटे असंख्य युवा कार्यकर्ता उनकी जीत को सुनिश्चित कर रहे हैं और ऐसा भी लगता है कि भाजपा के जो उम्मीदवार अब कंफर्टेबल हैं वह 10 मई तक लगातार और मजबूत होते जाएंगे। भाजपा उम्मीदवारों को हाल में पश्चिम बंगाल में पार्टी की ऐतिहासिक जीत का भी लाभ मिलता दिख रहा है। उम्मीदवार पूजा को इस बात का भी लाभ मिल रहा है कि उनके पति मतलब प्रत्याशी प्रतिनिधि बहुत शार्प और विजनरी युवा हैं उन्हें न केवल इस क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी है बल्कि वह इनका समाधान भी जानते हैं। किसी कारण से उम्मीदवार से मुलाकात नहीं हो पाई लेकिन उनके पति बिंदर मिले तो उनसे जो बात हुई उसकी वीडियो आपके समक्ष है।
