
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ़।
हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा RTE (Right to Education) 2026-27 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सोकेन्द्र बालियान रघुवंशी
संस्थापक/अध्यक्ष, 360 डिग्री सेवा समाधान मिशन एवं
प्रदेश सचिव व मीडिया प्रभारी ने बताया कि
इसके अंतर्गत Nursery, LKG, UKG एवं कक्षा-1 में प्रवेश के लिए अभिभावक 9 अप्रैल 2026 से 16 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- प्राइवेट स्कूलों द्वारा सीट डिक्लेरेशन: 11 मार्च से 20 मार्च 2026
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: 23 मार्च से 29 मार्च 2026
- Verified School List: 1 अप्रैल से 6 अप्रैल 2026
- ऑनलाइन आवेदन: 9 अप्रैल से 16 अप्रैल 2026
- लॉटरी परिणाम: 20 अप्रैल 2026
- दाखिला प्रक्रिया: 21 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026
- वेटिंग लिस्ट एडमिशन: 1 मई से 5 मई 2026
शिक्षा निदेशालय के निर्देशानुसार, राज्य के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में एंट्री लेवल कक्षाओं में कुल सीटों का 25% हिस्सा EWS एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रहेगा, जिनका चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
इस संबंध में “360° सेवा समाधान मिशन” के संस्थापक/अध्यक्ष सोकेन्द्र बालियान रघुवंशी ने कहा कि:
“शिक्षा का अधिकार कानून का उद्देश्य गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। सरकार व शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न हो तथा कोई भी निजी स्कूल गरीब बच्चों को प्रवेश देने से इंकार न कर सके। यदि कहीं भी RTE कानून का उल्लंघन होता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि “360° सेवा समाधान मिशन इस पूरे मामले पर नजर रखेगा और अभिभावकों व बच्चों को नियम 134-ए की तरह कानूनी व सामाजिक हर संभव सहायता प्रदान करेगा।”
बालियान ने यह भी कहा कि “जब नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से प्रारंभ हो जाता है, तो दाखिला प्रक्रिया में देरी चिंताजनक है। सरकार और शिक्षा विभाग को शिक्षा जैसे गंभीर विषय पर त्वरित और प्रभावी निर्णय लेने चाहिए। शिक्षा केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास की नींव है।”
