
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ़।
हरियाणा के मौलिक शिक्षा निदेशालय द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के प्रवेश हेतु संशोधित (Revised) शेड्यूल जारी किया गया है।
इस प्रक्रिया के अंतर्गत राज्य के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में एंट्री-लेवल कक्षाओं (Nursery, LKG, UKG या कक्षा-1) में कुल सीटों का 25% भाग EWS एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रहेगा, जिनका चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
मुख्य तिथियां इस प्रकार हैं:
प्राइवेट स्कूलों द्वारा सीट डिक्लेरेशन: 11 मार्च से 20 मार्च 2026
स्कूल दस्तावेज़ों का वेरिफिकेशन: 23 मार्च से 29 मार्च 2026
Verified School List जारी: 1 अप्रैल से 6 अप्रैल 2026
अभिभावकों द्वारा आवेदन: 9 अप्रैल से 16 अप्रैल 2026
लॉटरी परिणाम: 20 अप्रैल 2026
एडमिशन प्रक्रिया (लॉटरी सूची): 21 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026
वेटिंग लिस्ट एडमिशन: 1 मई से 5 मई 2026
360° सेवा समाधान मिशन की प्रतिक्रिया-
इस विषय पर 360° सेवा समाधान मिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष सोकेन्द्र बालियान रघुवंशी ने कहा:
“शिक्षा का अधिकार कानून का मुख्य उद्देश्य गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। सरकार द्वारा RTE-2026 के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरू करना एक सराहनीय कदम है, लेकिन इसकी पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन उतना ही आवश्यक है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि:
RTE शेड्यूल को बार-बार संशोधित करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है?
क्या शिक्षा विभाग पर किसी प्रकार का दबाव है, जिसके कारण निर्णयों में बदलाव किया जा रहा है?
उन्होंने आगे कहा:
“पिछले वर्षों में कई स्थानों पर निजी स्कूलों द्वारा RTE के तहत प्रवेश में अनावश्यक बाधाएं खड़ी करने की शिकायतें सामने आई हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी स्कूल गरीब बच्चों को प्रवेश देने से इंकार न कर सके। यदि कहीं भी कानून का उल्लंघन होता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
मिशन की पहल
सोकेन्द्र बालियान रघुवंशी ने बताया कि:
360° सेवा समाधान मिशन इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखेगा।
जरूरतमंद अभिभावकों को कानूनी एवं सामाजिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जैसे पूर्व में नियम 134-A के मामलों में की जाती रही है।
उन्होंने यह भी कहा:
“जब नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो जाता है, तो प्रवेश प्रक्रिया में एक माह की देरी क्यों की जा रही है? शिक्षा विभाग को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए। शिक्षा केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज के विकास की मजबूत नींव है। हर गरीब बच्चे तक शिक्षा पहुंचे- यही RTE कानून का वास्तविक उद्देश्य है।”
अभिभावकों से अपील-
360° सेवा समाधान मिशन सभी अभिभावकों से अपील करता है कि वे निर्धारित तिथियों के अनुसार आवेदन करें और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस अवसर का लाभ उठाएं।
