
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
नई दिल्ली।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित लंच कार्यक्रम ने हरियाणा कांग्रेस की सियासी तस्वीर लगभग साफ कर दी है! इस कार्यक्रम में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ सांसदों और नेताओं की मौजूदगी ने केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी दे दिया है ! हुड्डा परिवार के गांधी परिवार के साथ आठ दशक के राजनीतिक के साथ साथ पारिवारिक रिश्ते भी हैं!
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी का हुड्डा परिवार के साथ जिस प्रकार का आत्मीय व्यवहार दिखा, और जिस गर्मजोशी से हुड्डा परिवार ने उनका स्वागत किया, उसने नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया! खासतौर पर आशा हुड्डा द्वारा राहुल गांधी को दिया गया आशीर्वाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया !इसे दोनों परिवारों के बीच भरोसे और राजनीतिक सामंजस्य का प्रतीक माना जा रहा है! दरअसल, भूपेंद्र हुड्डा के नेता प्रतिपक्ष बनने से पहले तक यह धारणा बनी हुई थी कि तीसरी बार सरकार न बना पाने के कारण राहुल गांधी हुड्डा परिवार से नाराज़ हैं ,लेकिन विधानसभा चुनावों में ‘वोट चोरी’ के आरोपों की जांच और उस प्रकरण में हुड्डा परिवार को मिली राजनीतिक क्लीन चिट ने पूरा परिदृश्य बदल दिया! इस घटनाक्रम ने न केवल हुड्डा परिवार की साख बहाल की, बल्कि भूपेंद्र हुड्डा का कद भी पार्टी के भीतर और ऊंचा कर दिया! इस लंच में विपक्ष के अस्सी से ज्यादा सांसद और प्रदेश के 32 विधायक शामिल हुए! मीडिया रिपोर्ट्स और कार्यक्रम में मौजूद संकेतों के मुताबिक, राहुल गांधी अब इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि यदि हरियाणा में कांग्रेस को जीवित और मजबूत रखना है, तो संगठन और सत्ता की कमान अनुभवी और जमीनी पकड़ वाले नेतृत्व के हाथ में देना अनिवार्य है! यही कारण है कि दीपेंद्र हुड्डा को 2029 के लिहाज से पार्टी का भविष्य माना जा रहा है! कुल मिलाकर, यह लंच पार्टी केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं थी, बल्कि हरियाणा कांग्रेस के भविष्य की रूपरेखा तय करने वाला राजनीतिक संदेश भी थी ,जहां नेतृत्व को लेकर असमंजस नहीं, बल्कि स्पष्ट दिशा नजर आ रही है!
