
रेनू गौड़
दक्ष दर्पण समाचार सेवा ।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश – टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार एवं ग्लोबल हेल्थ स्ट्रैटजीज द्वारा संयुक्त रूप से एक राज्य स्तरीय मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
अपर मुख्य सचिव, अमित कुमार घोष ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह अभियान जन-आंदोलन बन चुका है, जिसमें सरकार, मीडिया, डेवलपमेंट पार्टनर्स और समुदाय की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।
*उत्तर प्रदेश में टीबी मुक्त अभियान की प्रगति*
– 7 दिसंबर 2024 से 17 जनवरी 2026 तक कुल 3.02 करोड़ जोखिम वाली आबादी जनसंख्या (वलनरेबल पापुलेशन) की स्क्रीनिंग की गई है।
– जांच सेवाओं के विस्तार के अंतर्गत जोखिम वाली आबादी की 81.29 लाख एक्स-रे जांचें तथा 24.79 लाख नैट परीक्षण किए गए।
– 7.33 लाख टीबी रोगियों की पहचान हुई।
– लगभग 1.69 लाख बिना लक्षण वाले व्यक्तियों में टीबी की बीमारी का पता चला।
*आगामी 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान*
– फरवरी 2026 से प्रदेश में पुनः 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया जाएगा।
– सांसदों से लेकर पंचायत स्तर तक जनप्रतिनिधियों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वैच्छिक संगठनों और मीडिया की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
