
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ़
दिल्ली राज्य वुशु चैम्पियनशिप में जिसमें प्रताप स्कूल के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किए। हर्ष मलिक ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक (Gold) जीता।रिक्षित ने 60 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक (Silver) प्राप्त किया।
आरव शौकीन ने 56 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक (Bronze) जीतकर स्कूल का गौरव बढ़ाया।
स्कूल पहुंचने पर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत द्रोणाचार्य अवार्डी ओम प्रकाश दहिया, प्रिंसिपल दया दहिया, अकादमिक डायरेक्टर डॉ. सुबोध दहिया तथा वुशु कोच विनोद गुलिया द्वारा किया गया। सभी ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद प्रदान किया। स्कूल के अध्यक्ष वेद प्रकाश दहिया एवं संस्थापक सत प्रकाश दहिया ने भी खिलाड़ियों को विशेष शुभकामनाएं दीं और भविष्य में और अधिक सफलता की कामना की। द्रोणाचार्य अवॉर्डी ओम प्रकाश दहिया ने कहा कि सबसे पहले मैं प्रताप स्कूल के उन सभी खिलाड़ियों को बधाई देना चाहता हूँ, जिन्होंने निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर आज अपनी पहचान बनाई है। हमारे विद्यालय की यही विशेषता है कि यहाँ शिक्षा और खेल दोनों को समान महत्त्व दिया जाता है। हम मानते हैं कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सर्वोत्तम साधन है।
प्रताप स्कूल में आधुनिक खेल सुविधाएँ उपलब्ध हैं—
? अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल मैदान
? वुशु, नेटबॉल, फुटबॉल, एथलेटिक्स आदि सभी खेलों के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षक
⏱️ नियमित फिटनेस, डाइट प्लान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली
मैं विशेष रूप से हमारे होस्टल की बात कहना चाहूँगा। यहाँ रहने वाले छात्रों के लिए—
?️ पूरी तरह ऑर्गेनिक एवं पौष्टिक भोजन
? शुद्ध व ताज़ा दूध
? खेल खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रोटीनयुक्त डाइट
? सुरक्षित, स्वच्छ व अनुशासित वातावरण
? पढ़ाई एवं अभ्यास के लिए उपयुक्त समय प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
हमारा उद्देश्य केवल अच्छे खिलाड़ी या मेधावी छात्र तैयार करना नहीं है, बल्कि ऐसे श्रेष्ठ नागरिक बनाना है जो अपने परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़ाएँ। अकादमिक डायरेक्टर डॉ. सुबोध दहिया ने कहा कि मैं प्रताप स्कूल की उस विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डालना चाहता हूँ, जो इसे अन्य संस्थानों से अलग बनाती है। हमारा विश्वास है कि सर्वांगीण विकास ही वास्तविक शिक्षा है। केवल किताबों का ज्ञान पर्याप्त नहीं, बल्कि जीवन कौशल, खेल भावना और व्यवहारिक अनुभव ही एक बच्चे को भविष्य के लिए सक्षम बनाते हैं।
खेलों के माध्यम से छात्र अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और धैर्य सीखते हैं। हमारे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन से यह सिद्ध किया है कि प्रताप स्कूल प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने के लिए सर्वश्रेष्ठ जगह है। हमने विभिन्न खेलों के लिए विशेषज्ञ कोच, आधुनिक खेल उपकरण और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली को अपनाया है। शिक्षा के क्षेत्र में हम केवल अंक प्राप्त करने पर नहीं, बल्कि संकल्पना आधारित शिक्षा (concept-based learning) पर जोर देते हैं। डिजिटल क्लासरूम, स्मार्ट लैब, भाषा प्रयोगशाला, और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हमारी विशेषताएं हैं, जिससे विद्यार्थी ज्ञान के साथ-साथ वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनते हैं। साथ ही, स्किल एक्टिविटी (Skill Development) आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसलिए विद्यालय में रोबोटिक्स, कंप्यूटर कोडिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, संगीत, डांस, थिएटर, योग, पब्लिक स्पीकिंग, और उद्यमिता (Entrepreneurship) जैसे कार्यक्रम सक्रिय रूप से आयोजित किए जाते हैं।
हम चाहते हैं कि हमारे छात्र न केवल नौकरी खोजने वाले हों, बल्कि नौकरी देने वाले (Job creators) भी बनें। प्रताप स्कूल के विजेता खिलाड़ियों—हर्ष मलिक, रिक्षित और आरव शौकीन—ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों, विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों और साथियों को दिया। खिलाड़ियों ने कहा कि यह जीत केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि प्रताप स्कूल द्वारा प्रदान किए गए उत्कृष्ट प्रशिक्षण, अनुशासन, बेहतर खेल सुविधाओं, पौष्टिक भोजन, शैक्षणिक सहयोग और कोचों के निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम है।
